Kuttey Film Review: अर्जुन कपूर की फिल्म से जनता क्यों है नाखुश

कुत्ते फिल्म का निर्देशन विशाल भारद्वाज के बेटे आसमान भारद्वाज ने किया है 

आसमान भारद्वाज के निर्देशन में बनी पहली फिल्म कुट्टे इस साल सिनेमाघरों में रिलीज़ होने वाली पहली बड़ी हिंदी फिल्मों में से एक है।

इस कहानी की शुरुआत होती है साल 2003 से, जहां नक्सल लक्ष्मी को पुलिस ने पकड़ रखा है।

नक्सलियों का एक समूह पुलिस स्टेशन पर हमला करता है और उसे वहां से छुड़ाता है।

कहानी 13 साल आगे बढ़ती है। 

भ्रष्ट पुलिस अधिकारी गोपाल (अर्जुन कपूर) और पाजी (कुमुद मिश्रा) पुलिस डिपार्टमेंट में रहते हुए भी ड्रग्स के धंधे में शामिल हैं।

फिल्म की अवधि भले ही दो घंटे से कम है, लेकिन यह एक लंबी फिल्म की तरह लगती है।

इंटरवल का पहला हाफ काफी धीमा है।

इंटरवल का पहला हाफ काफी धीमा है।

इस फिल्म को दर्शकों से बहुत बुरा रेटिंग मिल रही है।