ROM का full फॉर्म और Rom क्या होता है? ROM के प्रकार

रोम का नाम अपने कहीं न कहीं जरूर सुना होगा। ज्यदातर रोम एंड रैम का use आप मेमोरी और कंप्यूटर के साथ सुना होगा। क्या आपको  ये पता है कि रोम क्या है इसका full फॉर्म क्या होता है? 
यदि  आप ऐसे ही सवालों के जवाब खोज रहें हैं तो आप एक दम सही जगह पर आए हैं आप सही पोस्ट को पढ़ रहें है इस आर्टिकल में  आप रोम के बारे में पूर्ण जानकारी से रूबरू होने वाले है। चलिए शुरुवात करते हैं। 
ROM का full फॉर्म

इस पोस्ट में हम निम्न चीजे जानेंगे जो मैंने नीचे बताया है:
1. ROM full फॉर्म क्या है?
2. ROM क्या होता है?
3. ROM के प्रकार
4. Mobile और Computer के लिए ROM क्यों जरुरी है?
5. रोम और रैम ( ROM & RAM ) में क्या अंतर है?

1. ROM का full फॉर्म क्या है?

ROM – Read-Only Memory

2. ROM क्या होता है? (What is ROM?

ROM का full फॉर्म Read Only Memory होता है। यह स्टोरेज डिवाइस Main मेमोरी का प्रकार है।
यह वह मेमोरी है, जिसमें डेटा पहले से भरा जा चुका होता है, जिसे हम केवल पढ़ सकते हैं, हम उसे हटा या बदल नहीं सकते। वास्तव में ROM चिप बनाते समय ही उसमें कुछ आवश्यक प्रोग्राम और डेटा लिख दिए जाते हैं, जो स्थयी होते हैं।
जब कंप्यूटर को पावर सप्लाई बंद कर दी जाती है, तब भी ROM चिप में भरी हुई सूचनाओं सुरक्षित रहती है। ROM चिपो का उपयोग सभी प्रकार की इलेक्ट्रॉनिक युक्तियों; जैसे – वीडियो गेम, डिजिटल कैमरा आदि में किया जाता है। 
अधिकांश पर्सनल कम्प्यूटर्स में ROM मेमोरी के बहुत उपयोग होते हैं। इनमें प्राय: ऐसी सूचनाएं स्टोर की जाती है, जो स्थाई और आवश्यकता नहीं होती है। ROM चिप वास्तव में लाखो ट्रांजिस्टरों से बनाई जाती है। 

ROM के Example:

कंप्यूटर को बूट करने वाला प्रोग्राम और बायोस (बेसिक इनपुट आउटपुट सिस्टम)

3. ROM के प्रकार (Types of ROM):

ROM मुख्यतः निम्न प्रकार की होती है:

(a) (P ROM) पी रोम:

पी रोम जिसका पूरा नाम प्रोग्रामेबल रीड ओनली मेमोरी होती है। यह एक ऐसी मेमोरी है, जिसमें एक प्रोग्राम की सहायता से सूचनाओं को स्थायी रूप से स्टोर किया जाता है। 
साधारण रोम मेमोरी में ट्रांजिस्टर स्विचों को स्थायी रूप से ऑन (1) या ऑफ (0) स्थितियों में सेट कर दिया जाता है लेकिन पी रोम इसके सभी स्विचों को ओं ऑन करके छोड़ दिया जाता है।
इस मेमोरी में कोई सूचना भरने के लिए एक युक्ति, जिसे पी रोम प्रोग्रामर या बर्नर कहा जाता है, जिसके द्वारा ऐसे उच्च वोल्टेज के पल्स उत्पन्न किए जाते हैं, जिनसे कुछ चुने हुवे स्विच नष्ट हो जाते है अर्थात् वे स्विच 1 से 0 हो जाते है। इस प्रकार पी रोम चिप में सूचनाएं स्टोर कर दी जाती है।

(b) (EP ROM) ईपी रोम:

ई पी रोम का फूल फॉर्म इरेजेबल प्रोग्रामेबल रीड ओनली मेमोरी होती है। यह एक ऐसी पी रोम मेमोरी है जिसको फिर से प्रोग्राम किया जा सकता है।
 इसकी सूचनाओं को चिप में ही रखी गई विद्युत धारा के द्वारा स्थायी रखा जाता है। किसी ई पी रोम की सूचनाओं को उसके सर्किट से हटाकर और उसमे बनी हुई एक छोटी – सी विंडो से पैराबैंगनी किरणे डाल कर क्लियर किया जाता है। बाद में इसे ई पी रोम बर्नर की सहायता से फिर से प्रोग्राम किया जाता है।

(c) (EEP ROM)ई ई पी रोम:

ई ई पी रोम का पूरा नाम इलेक्ट्रिकली प्रोग्रामेबल रीड ओनली मेमोरी होती है। यह एक ऐसी ई पी रोम मेमोरी है, जिसको फिर से प्रोग्राम करने के लिए सर्किट से हटाने और निर्माता भेजने कि आवश्यकता नहीं होती ।
आप इसको विशेष सॉफ्टवेर या प्रोग्राम की सहायता से अपने कंप्यूटर में ही प्रोग्राम कर सकते हैं। इसमें यह विशेषता भी है कि फिर से प्रोग्राम करने के लिए इसकी सूचनाओं को नष्ट करने की आवश्यकता नहीं होती है।
 आप एक बार में इसकी एक बाइट क्लियर करके फिर से लिख सकते हैं। इसमें प्राय: कंप्यूटर कॉन्फिग्रेशन से संबंधित सूचनाएं रखी जाती है।

(d) (FLASH ROM) फ्लैश रोम 

यह एक प्रकार की ई ई पी रोम मेमोरी है, लेकिन इसकी सूचनाएं एक एक बाइट के हिसाब से नहीं लिखी जाती , बल्कि एक बार में एक पूरा ब्लॉक लिखा जाता है। यह साधारण ई ई पी रोम मेमोरी से अधिक तेज होती है।
फ्लैश रोम का उपयोग आज कल पर्सनल कम्प्यूटरों के बेसिक इनपुट आउटपुट सिस्टम को स्टोर करने के लिए किया जाता है। इससे इनको इंटरनेट के द्वारा अपडेट करना भी संभव है। 
इसके लिए यूजर को निर्माता के वेबसाइट पर का कर कुछ सूचनाएं डाउनलोड करनी होती है और उनके निर्देशों के अनुसार कार्य करना होता है।
 ऐसा करने पर कंप्यूटर नवीनतम विशेषताओं से संपन्न हो जाता है, लेकिन इस कार्य को करने से पहले इसका बेकअप लेना आवश्यक होती है, ताकि कोई गड़बड़ हो जाने पर पुरानी सूचनाओं से रिस्टोर किया जा सके ।
 वैसे हर बार नई अपडेट आने पर फ्लैश मेमोरी का प्रोग्राम करना अच्छा नहीं है। ऐसा तभी करना चाइए , जब किसी नई विशेषता की वास्तव में आवश्यकता हो।

4. Mobile और Computer के लिए ROM क्यों जरुरी है?

किसी भी कंप्यूटर या मोबाइल डिवाइस के लिए रोम आवश्यक है, क्योंकि रोम हार्डवेयर और संचार के लिए निर्देश प्रदान करता है, जिसे वह कार्य करता है। रोम Bios के भंडारण और संचालन के साथ साथ डेटा प्रबंधन और सॉफ्टवेर रखने , परिधीय उपकरणों को पढ़ने और लिखने के लिए आवश्यक होता है।

5. रोम और रैम (ROM & RAM) में क्या अंतर है?

रोम की तरह ही एक शब्द रैम यह भी एक मेमोरी होती है काफी लोगो को इसके बीच अंतर मालूम नहीं होता है आइए इसके अंतर जानते है:
1. रोम और रैम में सबसे पहला और सबसे बड़ा अंतर यह है कि रोम में डेटा बिना पॉवर के सेव हो सकता है जबकि रैम में ऐसा नहीं होता है।
2. रोम का use परमानेंट स्टोरेज के लिए होता है जबकि रैम का use टेंपररी स्टोरेज के लिए किया जाता है।
3. रोम चिप में इंफॉर्मेशन या डेटा को स्टोर करने के लिए पॉवर सप्लाई की आवश्यकता नहीं होती है जबकि रैम के लिए यदि पॉवर सप्लाई हटने पर उसमे स्टोर एनॉर्मेशन या डेटा भी डिलीट हो जाता है।
4. रोम में ऑडियो, वीडियो, म्यूजिक, app, डॉक्यूमेंट आदि चीजे स्टोर होती है, जबकि रैम में रियाल टाइम डेटा सेव होता है। जिसमें 1 जीबी से 256 जीबी तक मेमोरी स्टोर की जाती है।
5. यदि आप रोम चिप में डेटा स्टोर करना चाहते है तो समय लगता है किन्तु रैम में तुरंत डेटा स्टोर हो जाता है।
albarch hawkton

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