MOUSE का full form और MOUSE क्या है? MOUSE के प्रकार

MOUSE का use आपने जरूर किया होगा क्या आपको पता है कि MOUSE का full form क्या होता है? MOUSE क्या है, MOUSE का मीनिंग क्या होता है। बहुत से लोगो को पता नही होता है तो मैंने सोचा इस पोस्ट के जरिए उन लोगो को बता दूं जिनको इसके बारे में पता नहीं है। 
बहुत सारे लोग इसका use करते है फिर भी उन्हें पता नहीं होता है। चलिए Mouse के बारे में जानते हैं:
1. MOUSE का full form क्या होती है?
2. MOUSE क्या है? इसका मीनिंग 
3. MOUSE के फंक्शन्स और इसके use के बारे में
4. MOUSE कितने प्रकार का होता है?
MOUSE का full form

1. MOUSE का full form क्या होती है?

MOUSE – (Manually Operated Selection Equipment) मैनुअली ऑपरेटेड सिलेक्शन इकउपमेंट
MOUSE का full form मैनुअली ऑपरेटेड सिलेक्शन इकउपमेंट होता है। यह कंप्यूटर हार्डवेयर की एक इनपुट डिवाइस है। जिसे हाथ से पकड़ कर चलाया जाता है। MOUSE का प्रयोग से कंप्यूटर पर काम करना पहले के मुकाबले आसान हो गया है।

2. MOUSE क्या है? इसका मीनिंग 

Mouse कंप्यूटर का एक भाग होता है। जिसे कंप्यूटर पर कर्सर को कंट्रोल किया जाता है। माउस एक छोटी डिब्बों के आकार का होता है। यह एक केबल द्वारा सीपीयू से जुड़ा होता है। 
इसको हाथ से पकड़कर एक समतल पैड पर सरकाया जाता है, जिसे माउस पैड कहते हैं। माउस के उपर दो बटन भी होती है जिसे दायां और बयां बटन कहा जाता है।
हम इन बटन को दबाकर कंप्यूटर को इनपुट देते हैं। मॉनिटर पर एक उपर उठे हुवे तिरछे तीर जैसा चिन्ह होता है, जिसे माउस प्वाइंटर कहा जाता है। जब माउस को उसके पैड पर सरकाया जाता है।
माउस को सरकाकर माउस प्वाइंटर को स्क्रीन पर कहीं पर भी लाया जा सकता है। जब माउस को उसके पैड पर सरकाया जाता है तब माउस प्वाइंटर भी उसी दिशा में सरकता है।
माउस को सरकाकर माउस प्वाइंटर को स्क्रीन पर कहीं पर भी लाया जा सकता है। माउस के बाएं बटन को एक बार दबाकर छोड़ने की क्रिया को क्लिक करना कहा जाता है। 
जब बाएं बटन को जल्दी जल्दी दो बार क्लिक करते हैं तो इसे डबल क्लिक करना कहा जाता है। कभी कभी दाएं बटन को भी क्लिक किया जाता है। इस क्रिया को दायां क्लिक करना कहा जाता है। इसकी आवश्यकता प्राय: विंडोज आधारित प्रोग्रामो में होती है। 
हम मॉनिटर की स्क्रीन पर किसी भी आइकन या ऑब्जेक्ट पर माउस प्वाइंटर लाकर और क्लिक करके उस आइकन या ऑब्जेक्ट की सेलेक्ट कर सकते हैं। 
कभी कभी स्क्रीन के ऑब्जेक्ट को माउस प्वाइंटर द्वारा चुनते हुए बायां बटन दबाकर पकड़ लेते है और बटन दबाए रखते हुवे माउस को सरकते हैं, इससे वो चुनी हुई वस्तु भी साथ ही साथ सरकती है। 
इस क्रिया को खींचना या ड्रैगिंग कहा जाता है। जब माउस प्वाइंटर द्वारा किसी वस्तु को एक स्थान से छोड़कर दूसरे स्थान पर छोड़ते हैं तो इसे छोड़ना या ड्रॉपिंग करना कहते हैं।

3. MOUSE के फंक्शन्स और इसके use के बारे में

1. कर्सर को कंट्रोल करना:

माउस का use मॉनिटर के स्क्रीन पर कर्सर को कंट्रोल करने के लिए किया जाता है। जिससे माउस प्वाइंटर को स्क्रीन पर चारो तरफ आसानी से सरकाया जाता है।

2. सेलेक्ट करने में:

कंप्यूटर स्क्रीन पर किसी ओंजेक्टब या आइकॉन को सेलेक्ट करने के लिए भी माउस का उपयोग किया जाता है।

3. होवर करने में:

किसी आइकॉन या ऑब्जेक्ट को ओपन किए बिना माउस को उसमे होवर करने पर उसकी जानकारी हो जाती है।

4. स्क्रॉल up और डाउन करने में:

स्क्रीन पर सभी कोनो को देखने के लिए उपर नीचे करने के लिए माउस का प्रयोग किया जाता है।

5. ड्रैग और ड्रॉप करने में:

किसी फाइल आइकॉन को माउस की सहायता से ड्रैग और ड्रॉप किया जाता है।

6. गमे खेलने में:

कंप्यूटर में गेम खेलने के लिए माउस का उपयोग किया जाता है जिससे game खेलने में आसानी होती है।

7. संपादन (Editing)  करने में:

कंप्यूटर पर एडिटिंग करने के लिए जैसे फोटो ऑडियो वीडियो डॉक्युमेंट्स etc. माउस का use किया जाता है।

4. माउस कितने प्रकार का होता है?

बहुत से लोगों दिमाग में ये भी सवाल आता होगा कि माउस कितने प्रकार के होते है आइए जानते हैं:

1. मैकेनिकल माउस:

इस माउस में नीचे की ओर एक बॉल होती है जिसमें कर्सर या प्वाइंटर का घुमाव, बॉल के घुमाव के आधार पर होता है।

2. ऑप्टिकल माउस:

इस माउस में बॉल के स्थान पर एल ई डी का प्रयोग किया जाता है। इसमें कर्सर का घुमाव डायोड या फोटो डायोड से निकलने वाली लाइट के घुमाव के आधार पर होता है।

3. वायरलेस माउस:

इसमें तारो का उपयोग न होने की वजह से इसे वायरलेस माउस कहा जाता है। यह रेडियो फ्रीक्वेंसी तकनीक की सहायता से आपके कंप्यूटर को सूचना कम्युनिकेट करता है।
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