ISI full form Pakistan और ISI क्या है ?

आपने ISI का नाम तो जरूर ही सुना होगा कही न कही जो एक पाकिस्तानी इंटेलीजेंस संस्था है। तो आज हम आपको इसी के बारे में थोड़ी और जानकारी देने वाले हैं जैसे ISI क्या है, इसका गठन कैसे हुआ, इसी बनाने के पीछे उद्देश्य क्या है? सबसे पहले हम जानेंगे कि ISI का फुल फॉर्म क्या होता है?

ISI Full Form Pakistan

ISI: Inter-Service Intelligence

इंटर सर्विस इंटेलीजेंस (ISI) पाकिस्तान की सबसे बड़ी इंटेलीजेंस (गुप्तचर) Service है। सन् 1950 में पूरे पाकिस्तान की आंतरिक और बाह्य सुरक्षा का जिम्मेदारी ISI को सौंप दिया गया। इसमें सेना के तीनों अंगों के अधिकारी एक साथ मिलकर आईएसआई के लिए काम करते हैं।

पहले इसका मुख्यालय (Headquarters)  रावलपिंडी में था और इसे “इंटेलीजेंस ब्यूरों” के नाम से जाना जाता था। वर्तमान में आईएसआई का मुख्यालय  ( headquarters) इस्लामाबाद में है और लेफ्टिनेंट जनरल अहमद शूजा पाशा इसके निदेशक हैं। वर्तमान समय में इसमे लगभग 25 हजार लोग काम करते हैं।

ISI का इतिहास

1947 के समय में पाकिस्तान में दो मुख्य गुप्तचर एजेंसियां थी, Intelligence Beauro (IB) और मिलिट्री इंटेलीजेंस (MI), लेकिन 1947 में हुए भारत और पाकिस्तान के बीच हुए युद्ध में पाकिस्तानी मिलिट्री इंटेलीजेंस (MI) सेना के तीन अंगों नेवी, आर्मी और एयरफोर्स के बीच सूचनाओं और व्यवस्थाओं के आदान-प्रदान में एकदम विफल रही। इस असफलता से पाकिस्तान को एक नई एजेंसी की जरूरत महसूस हुई।

और इसी के वजह से 1948 में ISI का निर्माण किया गया। ISI की नींव ऑस्ट्रेलियाई मूल के ब्रिटिश आर्मी ऑफिसर मेजर जनरल आर. कैथोम ने रखी थी जो उस समय पाकिस्तानी Army Staff के Head थे।

आईएसआई (ISI) के उद्देश्य

# पाकिस्तान की आंतरिक व बाह्य सुरक्षा का जिम्मेदारी संभालना।

# दूसरे देशों में हो रहे सेना व राजनीतिक बदलावों व विकास पर नजर रखना, जिसका सीधा प्रभाव पाकिस्तान की राष्ट्रीय सुरक्षा व्यवस्था पर पड़ता हो।

दूसरे देशों की गुप्त जानकारियों को इकट्ठा करके देश की सुरक्षा व्यवस्था में उचित बदलाव करना।

# गुप्तचर विभाग और सेना के तीनों अंगों के बीच में सामंजस्य स्थापित करना।

# राजनैतिक गतिविधियों, मीडिया की खबरों व समाज की अन्य महत्वपूर्ण गतिविधियों आदि पर नजर रखना।

# विदेशी कूटनीतिज्ञों व विदेश में कार्यरत पाकिस्तानी कूटनीतिज्ञों के उपर नजर रखना।

आईएसआई का संरचना

ISI के डायरेक्टर जनरल को तीन डिप्टी डायरेक्टर जनरल देश में घट रही विभिन्न गतिविधियों की जानकारी देते रहते हैं जो राजनीति, बाह्य और सामान्य क्षेत्रों के प्रति उत्तरदायी होते हैं।

आईएसआई (Inter Service Intelligence)  के प्रमुख विभाग व उनके कार्य

# ज्वाइंट इंटेलिजेंस एक्स (JIX): ISI के सभी विभागों के बीच कॉर्डिनेशन करना।

# ज्वाइंट इंटेलीजेंस ब्यूरो (JIB): राजनैतिक जानकारी जुटाने के लिए जिम्मेदार है।

# ज्वाइंट काउंटर इंटेलीजेंस ब्यूरो (JCIB)‍: पाकिस्तान के विदेशी कूटनीतिज्ञो पर नजर रखना और मध्य पूर्व, दक्षिण एशिया, चीन, अफ्गानिस्तान और इस्लामिक देशों में चल रहे गुप्तचर कार्यों के उपर नज़र रखना।

# ज्वाइंट इंटेलीजेंस नॉर्थ (JIN): ये विभाग जम्मू-कश्मीर क्षेत्र के लिए जिम्मेदार है।

# ज्वाइंट सिंगल इंटेलीजेंस ब्यूरो (JSIB): भारत-पाक के सीमा पर गुप्त जानकारियां प्राप्त करना।

# ज्वाइंट इंटेलीजेंस टेक्निकल (जेआईटी): आईएसआई की तकनीकी खामियों को दूर करना।

इसके अलावा युद्ध से संबंधी विस्फोटक व रासायनिक विभाग भी अलग से हैं।

प्रमुख निदेशक (Head Director)

अख्तर अब्दुर रहमान, परवेज़ मुशर्रफ, हामिद गुल, महमूद अहमद, एहसान-उल-हक, अश्फाक परवेज कयानी, नदीम ताज।

albarch hawkton

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