iOS का फुल फॉर्म | iOS क्या होता है? ये दूसरे OS से कैसे अलग है?

क्या आप लोगों को iOS के फुल फॉर्म के बारे में पता है की इसका फुल फॉर्म यानि कि पूरा नाम क्या होता है? ये क्या चीज है और कैसे काम करता है? अगर आप इन सब का Answer पाना चाहते हैं तो आप बिलकुल सही जगह पर आये हैं.  आज हम आपको इन्ही सब के बारे में बताने वाले हैं. 

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आप सब ने तो एप्पल के iPhone के बारे में सुना ही होगा जो बहुत बेहतरीन और महंगा होता है. इस फ़ोन को बहुत सारे लोग खरीदना चाहते हैं पर कीमत अधिक होने के कारण के खरीद नहीं पाते हैं

आपको क्या लगता है की ये फ़ोन इतना महंगा क्यों होता है? दरअसल इसका जो ऑपरेटिंग सिस्टम है वो इसे कीमती बनता है जो बाकि ऑपरेटिंग सिस्टम से अलग और ज्यादा Better होता है. Apple के सारे Devices iOS ऑपरेटिंग सिस्टम पर चलते हैं.

आज हम आपको iOS के बारे में पूरी जानकारी देने वाले हैं.

इस पोस्ट में हमलोग जानेंगे:


1. iOS का फुल फॉर्म

2. iOS क्या होता है?

3. iOS दूसरे ऑपरेटिंग सिस्टम से कैसे अलग है?

4. iOS के आज तक के सारे वेर्सिओंस

5. iOS का इतिहास क्या है?

1. iOS का फुल फॉर्म

iOS: iPhone Operating System

2. iOS क्या होता है? | What is an iOS?

iOS एप्पल incorporated कंपनी द्वारा बनाया गया एक ऑपरेटिंग सिस्टम है जो एप्पल की सारे Devices में रन होती है. iOS, Android के बाद दूसरा सबसे बड़ा ऑपरेटिंग सिस्टम है जो पुरे दुनिया में मशहूर है. 

iOS ऑपरेटिंग सिस्टम जो है वो Multitouch Interface का इस्तेमाल करती है जिसमे गेसचर्स (Guesters) की मदद से डिवाइस को चलाया जाता है. इसका मतलब ये है की स्क्रीन के ऊपर जब उंगली को स्वाइप करेंगे तो ये आपको अगले पेज पे ले जाता है.

इसमें स्क्रीन को जूम करने के लिए अपनी उंगलियों को पिंच करना होता है. ये सारी चीजें आप ीोस पर आसानी से कर सकते है.  ीोस अपने देवीकेस के सेंसर को काफी मजबूत बनाती है जो आपकी उँगलियों को डिटेक्ट कर आपका काम आसान बना देती है. 

iOS एप्पल Devices के हार्डवेयर के सभी पहलुओं को कंट्रोल करता है, साथ ही सॉफ्टवेयर के सभी कार्यों को भी संभालता है.  


* आपको iOS के एप्प स्टोर में 2 मिलियन से ज्यादा Apps मिल जायेगी जिसे आप अपने iPhone में डाउनलोड कर सकते हैं. 

3. और iOS दूसरे ऑपरेटिंग सिस्टम से कैसे अलग है? 

*  iOS जो है दूसरे ऑपरेटिंग सिस्टम से बहुत अलग है. अपने डिवाइस में मौजूद सभी अप्प्स को अपने प्रोटेक्टिव शैल के अन्दर रखता है जिससे अप्प्स एक दूसरे से दूर रहे और दूसरे अप्प्स के काम में दखलंदाजी न करें. 

iOS को इस प्रकार डिज़ाइन किया गया है की अगर गलती से भी किसी एप्प के जरिये वायरस आ जाता है तो वो दूसरे अप्प्स को नुकसान न पहुंचा सके.  जबकि दूसरे ऑपरेटिंग सिस्टम में ऐसा कुछ देखने को नहीं मिलता है.

iOS में जो प्रोटेक्टिव शैल होते हैं वो अप्प्स से घिरे हुए होते हैं इसलिए उनके कारन अप्प्स में बहुत सी कमियां भी आ जाती है.  क्योंकि इसमें एक अप्प दूसरे एप्प से डायरेक्ट कम्यूनिकेट नहीं कर पाता जैसे हम एंड्राइड के ऑपरेटिंग सिस्टम में कर पाते हैं. 


For Example अगर किसी ने आपको Whatsapp में कोई लिंक भेजा तो आप उसको Direct Chrome ब्राउज़र की मदद से खोल के देख सकते हैं.  इसमें Whatsapp और Chrome ब्राउज़र के बीच Direct Communication हो जाता है.

यही फीचर हमें iOS के डिवाइस में देखने को नहीं मिलता है. लेकिन iOS का डिवाइस एक अलग ही फीचर का यूज़ करता है जिसे स्टैंटफिलिटी कहते हैं. 

ये फीचर एक एप्प से दूसरे एप्प के साथ कम्यूनिकेट करने के लिए User से Permission मांगता है. अगर User उसको Approve कर देता है तभी इनके बीच कम्युनिकेशन होता है नहीं तो नहीं होता है. 


*  iOS और Android ऑपरेटिंग सिस्टम के बीच एक मुख्य अंतर है जिसे सभी लोग बहुत ज्यादा पसंद करते हैं. 

 वो ये है कि एंड्राइड ऑपरेटिंग सिस्टम में आपको Choice मिल जाता है की आप Android ऑपरेटिंग सिस्टम को दूसरे कंपनी के फ़ोन जैसे Xiaomi, Samsung, One Plus के फ़ोन में इनस्टॉल करके Use कर सकते हैं लेकिन iOS ऑपरेटिंग सिस्टम में ऐसा कुछ भी नहीं होता है.

iOS ऑपरेटिंग सिस्टम केवल एप्पल द्वारा बनाये गये Devices पर ही रन होता है.


 * आप एप्पल के फ़ोन को दूसरे चार्जर से भी चार्ज नहीं कर सकते हैं जैसा की आप एंड्राइड ऑपरेटिंग सिस्टम के स्मार्टफोन को चार्ज कर सकते हैं. iPhone को आप केवल एप्पल कंपनी के चार्जर से ही चार्ज कर सकते हैं.


4.  iOS के आज तक के सारे Version


    1. iOS 1

    2. iOS 2
  
    3. iOS 3

    4. iOS 4

    5. iOS 5

    6. iOS 6

    7. iOS 7

    8. iOS 8

    9. iOS 9

   10.  iOS 10 

   11. iOS 11

   12. iOS 12

   13. iOS 13

5. iOS का इतिहास क्या है? 

2005 में जब स्टीव जॉब्स ने iPhone की योजना बनाना स्टार्ट किया तब उसके पास दो Choices थे पहला Mac कंप्यूटर को छोटा करना और दूसरा iPhone को और बड़ा करना.  

उन्होंने इस प्रॉब्लम को सॉल्व करने के लिए Mac कंप्यूटर और iPhone बनाने वाले टीम से मिले और iOS बनाने का निर्णय लिया.  पहले एप्पल OS ज्यादा प्रोग्राम को संभाल नहीं पाता था इसलिए उन्हें विवश होकर iOS बनना पड़ा.

जनवरी 2007 में iPhone के साथ नए ऑपरेटिंग सिस्टम को लांच किया गया. iPhone के रिलीज़ के टाइम इसका नाम iPhoneOS रखा गया था शुरूआती दौर में iPhone के OS में कोई भी Third Party App को रन करने की अनुमति नहीं दी गई थी. 

अक्टूबर 2007 को स्टीव जॉब्स ने घोषणा किया कि उन्होंने एक नया मून सॉफ्टवेयर डेवलपमेंट किट (Software Development Kit) (SDK) विकास पर  है और उन्होंने इसे Developers के हाथों में रखा है. 6 मार्च 2008 में iPhone SDK बनकर तैयार हो गया और इसकी घोषणा की गयी.

10 जुलाई 2008 को iOS एप्प स्टोर को खोला गया जिसमें शुरूआती दौर में केवल 500 अप्प्स ही थे लेकिन सितम्बर 2008 से लेकर 2017 तक इसमें 2.2 मिलियन Apps हो गये.  

जून 2010 में एप्पल कंपनी ने iPhone iOS का नाम बदल दिया. एप्पल का iOS वर्तमान समय का मुख्य ऑपरेटिंग सिस्टम है जो iPhone, iPad, iPod इत्यादि के सभी मॉडल्स पर Run होता है. एप्पल iOS पर जब भी कोई नया फीचर Add करता है तब सॉफ्टवेयर अपडेट करना पड़ता है.

एप्पल हर साल अपने iOS का नया नया Version लाता रहता है. इस नए Version में परफॉरमेंस और क्वालिटी Improvement पर ज्यादा ध्यान रखा जाता है


iOS के लिए मुख्य हार्डवेयर प्लेटफॉर्म एआरएम आर्किटेक्चर (ARM architecture) है.

albarch hawkton

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