DHCP का full फॉर्म और DHCP क्या होता है? इसका Use

DHCP का full फॉर्म क्या होता है, यह क्या है, यह काम कैसे करता है, और इसका क्या use किया जाता है? इस पोस्ट में आप इसके बारे में पूरी जानकारी प्राप्त करने वाले हैं।
इस पोस्ट में हम इन चीजों के बारे में जानने वाले हैं:
1. Full फॉर्म ऑफ DHCP
2. DHCP क्या होता है?
3. ये काम कैसे करता है?
4. इसका क्या Use है?
5. तकनीकी अवलोकन
6. तकनीकी विवरण 
7. DHCP का काम क्या है?
DHCP का full फॉर्म

1. Full फॉर्म ऑफ DHCP:

DHCP : डायनमिक होस्ट कॉन्फ़िगरेशन प्रोटोकॉल (Dynamic Host Configuration Protocol)

2. DHCP क्या होता है?

डायनमिक होस्ट कॉन्फ़िगरेशन प्रोटोकॉल शब्दों से स्पष्ट होता है कि ये डायनमिक रूप से कार्य करता है। डायनमिक होस्ट कॉन्फ़िगरेशन प्रोटोकॉल उपकरणों (डीएचसीपी क्लाइंट) द्वारा प्रयुक्त होने वाला कंप्यूटर नेटवर्किंग प्रोटोकॉल है, जो गंतव्य होस्ट पर आईपी एड्रेस को डायनमिक रूप से वितरित करता है।
यह क्लाइंट सर्वर मॉडल पर कार्य करता है। अक्टूबर, 1993 में आरएफसी 1531 ने Bootstrap प्रोटोकॉल के पश्चात डएचसीपी को एक मानक ट्रैक प्रोटोकॉल के रूप में परिभाषित किया था। 
वर्ष 1997 में लागू किया गया अगला अपडेट आरएफसी 2131, इंटरनेट प्रोटोकॉल संस्करण 4 (IPv4) नेटवर्क के लिए DHCP वर्तमान परिभाषा है। इसके IP (DHCPv6) के लिए एक्सटेंशन आरएफसी 3315 में प्रकाशित किए गए थे।

3. ये काम कैसे करता है?

जब एक डीएचसीपी कॉन्फ़िगरेशन क्लाइंट (एक कंप्यूटर या कोई अन्य नेटवर्क युक्ति उपकरण) एक नेटवर्क से जुड़ता है, तो डीएचसीपी क्लाइंट डीएचसीपी सर्वर से आवश्यक सूचना के लिए एक प्रसारण क्वेरी भेजती है। 
डीएचसीपी सर्वर आईपी एड्रेस और क्लाइंट कॉन्फ़िगरेशन पैरामीटर की सूचनाओं का एक समूह एकत्रित करता है; जैसे – डिफॉल्ट गेटवे, डोमेन नेम, डीएनएस सर्वर अन्य जैसे – टाइम सर्वर एक वैध अनुरोध प्राप्त होने पर , सर्वर कंप्यूटर को एक आईपी एड्रेस और अन्य आईपी कॉन्फ़िगरेशन पैरामीटर जैसे – सबनेट मास्क और डिफॉल्ट गेटवे निर्दिष्ट करता है। 
सामान्यतया रूप से बुटिंग के तुरंत बाद क्वेरी प्रारंभ हो जाती है और यह क्लाइंट द्वारा अन्य होस्ट के साथ आईपी आधारित संचार प्रारंभ होने से पहले होनी चाहिए। कार्यान्वयन के आधार पर डीएचसीपी सर्वर तीन तरीको से आईपी वितरित कर सकते हैं।

4. इसका क्या use है?

जैसा कि मैंने आपको ऊपर बताया है कि यह डायनमिक रूप से कार्य करता है। इसे मुख्य रूप से कंप्यूटर में स्वचालित आईपी देने के लिए प्रयोग में लाया जाता है। ये कंप्यूटर को आईपी देते हैं जहां आईपी का मतलब इंटरनेट प्रोटोकॉल है।

5. तकनीकी अवलोकन:

डायनमिक होस्ट कॉन्फ़िगरेशन प्रोटोकॉल एक या एक से अधिक दोष सहिष्णु डीएचसीपी सर्वर के नेटवर्क उपकरणों के लिए नेटवर्क पैरामीटर को स्वचालित रूप से निर्धारित करता है। 
यहां तक कि छोटे नेटवर्क में डीएचसीपी उपयोगी है, क्योंकि यह नेटवर्क में नई मशीनों को जोड़ना सरल बना सकता है।
डायनमिक वितरण एक नेटवर्क एडमिनिस्ट्रेटर डीएचसीपी को आईपी एड्रेस की एक श्रृंखला प्रदान करता है और LAN पर प्रत्येक क्लाइंट कंप्यूटर का अपना आईपी एड्रेस होता है, जो इस तरीके से कॉन्फ़िगरेशन ही होता है कि नेटवर्क के प्रारंभ होने पर डीएचसीपी सर्वर से एक आईपी एड्रेस का अनुरोध करता है। 
स्वचालित वितरण डीएचसीपी सर्वर स्थाई रूप से एडमिनिस्ट्रेटर द्वारा निर्धारित सीमा से अनुरोध करने वाले क्लाइंट को एक मुक्त आईपी एड्रेस प्रदान करता है।
 यह डायनमिक वितरण की भांति डएचसीपी सर्वर के रूप में पिछले आईपी एड्रेस की एक टेबल रखता है, ताकि यह क्लाइंट को वही आईपी एड्रेस वितरित कर सके, जो क्लाइंट के पास पहले था। 
स्टेटिक विवरण डएचसीपी सर्वर एक मैक एड्रेस/ आईपी एड्रेस पेयर युक्ति एक तालिका के आधार पर आईपी एड्रेस से क्लाइंट को अनुरोध करने पर एक आईपी एड्रेस वितरित होगा। 
इस सुविधा को अधिकतर स्टेटिक डएचसीपी एसाइनमेंट, (DD-WRT द्वारा) फिक्स्ड एड्रेस (डएचसीपी द्वारा) , डएचसीपी आरक्षण या स्टेटिक डएचसीपी (सिस्को / लिंकसिस द्वारा) और आईपी आरक्षण या मैक /आईपी बाइंडिंग (अन्य राउटर निर्माताओं द्वारा) कहा जाता है।

6. तकनीकी विवरण:

DHCP IANA द्वारा निर्दिष्ट किन्हीं दो पार्ट का प्रयोग BOOTP के लिए करता है। सर्वर साइड के लिए 67/udp और क्लाइंट साइड के लिए 68/udp डीएचसीपी ऑपरेशन के चार बुनियादी चरण है – आईपी खोज, आईपी लीज प्रस्ताव, आईपी अनुरोध और आईपी लीज स्वीकृति ।

7. DHCP का काम क्या है?

अब चलिए इसके वर्क के बारे में भी जान लेते हैं।

1. DHCP का पता लगाना: 

यह किसी क्लाइंट तथा सर्वर के मध्य कम्युनिकेशन स्थापित करता है। इसके लिए दोनों तरफ के सिस्टम का आईपी एड्रेस ज्ञात करने का कार्य DHCP DISCOVER करता है।

2. DHCP का प्रस्ताव:

यह DHCP क्लाइंट को DHCP सर्वर द्वारा DHCP DISCOVER के जवाब में जो प्रस्ताव या संदेश भेजा जाता है, उसे DHCP OFFER कहते हैं।

3. DHCP अनुरोध: 

DHCP अनुरोध यह दर्शाता है कि DHCP क्लाइंट द्वारा संदेश प्राप्त कर लिया है तथा इसके उत्तर में नेटवर्क कॉन्फ़िगरेशन को स्वीकार कर लिया जाता है।

4. DHCP ACK:

 यह मैसेज/ संदेश DHCP सर्वर द्वारा अनुरोध के बाद क्लाइंट से प्राप्त संदेश के उत्तर के रूप में होता है। DHCP ACK इस बात का चिन्ह होता है कि DHCP Discover प्रोसेस का अंत हो चुका है। DHCP ACK एक प्राप्ति (Acknowledgement) के रूप में होता है।

5. DHCP NAK: 

यह संदेश DHCP ACK विवरण के बिलकुल विपरीत होता है। जब यह संदेश प्राप्त होता है, इसका अर्थ है कि क्लाइंट DHCP REQUEST संदेश से संतुष्ट नहीं है।

6. DHCP का पतन: 

यह मैसेज DHCP सर्वर द्वारा DHCP क्लाइंट को तब भेजा जाता है, जब क्लाइंट द्वारा प्रयोग किया जाने वाला आईपी एड्रेस किसी ओर के द्वारा पहले से प्रयोग किया जा रहा हो।

7. इनफॉर्म: 

यह संदेश DHCP सर्वर द्वारा तब भेजा जाता है, जब क्लाइंट आईपी एड्रेस को स्टेटिक रूप से डायनमिक रूप में सर्वर से चाहता है।

8. DHCP रिलीज:

 यह संदेश DHCP क्लाइंट द्वारा DHCP को भेजा जाता है, जब वह नेटवर्क एड्रेस को समाप्त करना चाहता है।
albarch hawkton

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