BPL Full form – BPL कार्ड क्या है?

 नमस्कार दोस्तों आप सभी का एक बार फिर से स्वागत है एक नए पोस्ट पर दोस्तो आज के इस पोस्ट में हम बीपीएल कार्ड (BPL Card) के बारे में जानने वाले हैं। बीपीएल कार्ड का नाम अपने जरूर ही सुना होगा, शायद आपके घर या आपके पड़ोस में किसी के पास बीपीएल कार्ड जरूर ही होगा। दोस्तो आज के इस पोस्ट में हम आपको इसी के बारे में पूर्ण डिटेल जानकारी देने वाले हैं जैसे –

  • बीपीएल कार्ड (BPL Card) क्या है और इसका Full form क्या होता है?(What is BPL Card and Full form in Hindi?)
  • बीपीएल कार्ड के लिए कौन एलिजिबल है? (Who is Eligible for BPL Card?)
  • बीपीएल कार्ड के लिए कौन एलिजिबल नहीं है? (Who is Not Eligible for BPL card?)
  • Benifits for BPL Ration Card (बीपीएल राशन कार्ड के फायदे)

चलिए शुरू से जानते हैं –

बीपीएल कार्ड क्या है और इसका full form क्या होता है?

BPL – Below Poverty Line

BPL के कुछ अन्य full forms इस प्रकार हैं –

Bpl – गरीबी रेखा से नीचे

Category – Hindi

Bpl – Below Poverty Line

Category – Ration Card

Bpl : Below Poverty Line

Category : Hindi PDF

Bpl : Below Poverty Line

Category : English

Bpl : Bangladesh Premier League

Category : Cricket

Bpl : Booked profit or Lose

Category : Share market

Bpl : Benign Proliferative Lesion, Blood Products Laboratory

Category : Medical


What is BPL Card?(BPL कार्ड क्या है?)

बीपीएल का full form Below Poverty Line होता है इसका हिंदी में मतलब यह है कि गरीबी रेखा से नीचे जीवन यापन करने वाले लोगों से है। इसे “गरीबी रेखा से नीचे निर्धनता रेखा” भी कहा जाता है।

सरकार द्वारा बीपीएल कार्डधारियों से प्रक्रिया के तहत यह जानकारी रखती है कि देश में अभी भी इतने परिवार हैं जो गरीबी रेखा के मानदंड से नीचे जीवन यापन कर रहे हैं। जिससे उनके लिए सरकार उनके जीवन की मुश्किलों को कम करने के लिए उन्हें विभिन्न प्रकार से सहायता करता है; जैसे – रहने के लिए घर, जगह और राशन, कपड़े, आदि बहुत से चीजे जो गरीबों को मुफ्त में दिया या बहुत ही आसानी से या कम मूल्य में उपलब्ध कराया जाता है।

आज भी ऐसे लोग दुनिया में हैं जो दिन में एक वक्त का ही खाना खा पाते हैं और वे गरीबी रेखा के नीचे आते हैं सरकार ने बीपीएल कार्ड उन लोगों के लिए ही बनाया गया है जिसे उनको मालूम हो सके कि देश में अभी भी इतने परिवार बीपीएल के अन्तर्गत आते हैं।

अब चलिए जानते है कि कौन इस कार्ड के लिए एलिजिबल है?

Who is Eligible for BPL? (BPL के लिए कौन योग्य है?)

सबसे पहली चीज आप भारत के किसी भी राज्य में यदि राशन कार्ड बनवाना चाहते हैं, तो आप एक भारतीय नागरिक होना चाहिए। तभी जाकर आप राशन कार्ड हेतु आवेदन कर सकेंगे।

दूसरी चीज जो आती हैं, वह यह है कि आपका किसी दूसरे राज्यों में राशन कार्ड नहीं होनी चाहिए।

आवेदक जो राशन कार्ड के लिए आवेदक करेगा उसके परिवार के सदस्य करके करीबी यानी उसके अपने होने चाहिए। उसी राज्य में किसी अन्य परिवार से न हो।

अब चलिए राशन कार्ड के फायदों के बारे में जानते हैं

Benifits of Ration card (राशन कार्ड के एडवांटेज)

बीपीएल कार्ड धारी परिवारों को प्रतिमाह राज्य सरकार के द्वारा अनाज दिया जाता है, जिसमें आपको चावल, चीनी, दाल, नामक जैसी अच्छी चीजे दिया जाता है। 

इन सबके अलावा और भी चीजे होती है; जैसे – 

  • चूल्हा जलाने के लिए केरोसिन तेल।

  • चिकित्सा में मदद मिलती है, मतलब बीपीएल परिवार से कोई सदस्य बीमार है तो उसका अस्पताल में काम पैसों में इलाज करवा सकते हैं।

  • बीपीएल परिवारों को किसी सरकारी बैंक में लोन भी प्राप्त कर सकते हैं, और वो भी सामान्य ब्याज दर से कम ब्याज दर में।

  • इसके अलावा बीपीएल धारकों को शिक्षा के क्षेत्र में भी राज्य सरकार काफी सहायता प्रदान करती है, उनके बच्चो को कम फीस में सरकारी स्कूल में शिक्षा प्रदान किया जाता है।

History of BPL (BPL का इतिहास )

बात करें BPL की स्थापना की तो 1963 में केरला के पल्लकड़ में की गई थी। उस वक्त इसे एकल उत्पाद संगठन के रूप में सुरक्षा प्रणालियों के लिए उच्च सूक्ष्मता पैनल मॉनिटर विकसित करने के लिए मान्यता दी गई है।

सन 1962 में कर्मी दल ने आवश्यक न्यूनतम खर्च का योजना आयोग का प्रस्ताव रखा। जिसमें स्कूली शिक्षा और राज्य के ग्रामीण सदस्यों में प्रति व्यक्ति 20₹ और शहरी क्षेत्रों में 25₹ प्रति व्यक्ति किया गया था। 

उसके बाद 1970 के दशक के बाद इसके संसोंधित किया गया ऐसा इस लिए क्योंकि निम्न स्तर की BPL की न्यूनतम आय क्रमशः 49.1₹ और 56.7₹ थी।

इसके बाद 1993 में विशेषज्ञों के द्वारा गरीबी रेखा की परिभाषित कर राज्य स्तर पर विभाजित किया जिसमें प्रत्येक राज्य की गरीबी रेखा को अलग अलग निर्दिष्ट किया।

सन 2012 में भारत ग्रामीण भारतीयों की गरीबी रेखा की दर 972₹ और शहरी क्षेत्रों की गरीबी रेखा की दर 1407₹ थी। इसी वर्ष में यह भी अनुमान लगाया गया था कि भारतीय जनसंख्या का 29.5% गरीबी रेखा से नीचे रहते हैं।

सन् 2014 में रंगराजन पैनल ने कहा कि देश में लगभग 454 मिलियन लोग बहुत ही अधिक गरीब है जिसमें 38% जनसंख्या शामिल है।

albarch hawkton

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