API का Full Form और एपीआई क्या होता है? इसके प्रकार

 आपने कभी न कभी एपीआई का नाम तो जरूर सुना होगा भले आपको इसके बारे में पता न हो वो अगल बात है पर आपने जरूर सुना होगा.

ये क्या होता है? इसका फुल फॉर्म क्या है? कैसे काम करता है? ये  कितने प्रकार का होता है? आज हम एपीआई से जुडी इन सवालो के जवाब देने वाले हैं तो अगर आप इसके बारे में जानना चाहते है तो बने रहिये हमारे साथ. 

सबसे पहले हमलोग जानेंगे की एपीआई का फुल फॉर्म क्या होता है? 

* Full form of API | एपीआई का पूरा नाम 

API: Application Programming Interface (एप्लीकेशन प्रोग्रामिंग इंटरफ़ेस )



अब हमलोग जानेंगे कि एपीआई आखिर होता क्या है? 



1. What is API in Hindi | API क्या होता है?

ये दरअसल एक ऐसा प्रोग्राम है जो दो वेबसाइट दो अप्प्स दो सॉफ्टवेयर को आपस में जोड़ने का काम करती है. इसकी मदद से आप एक वेबसाइट का डाटा दूसरे वेबसाइट में ले सकते हैं.  


इसको चलिए एक उदहारण से समझते हैं: 
मान लीजिये आप Pinterest वेबसाइट पर एंटर करना चाहते हैं तो आपको उसके लिए सबसे पहले आपको अपना अकाउंट बनाना पड़ेगा तभी आप उस वेबसाइट में एंटर कर पाएंगे. 
तो सिम्पली क्या करेंगे या तो अपना ईमेल पासवर्ड डालकर उसमे एंटर करेंगे या इसके अलावा आपके पास जो अलग ऑप्शन है जैसे SignUp With Google और SignUp With facebook इन का यूज़ कर सकते हैं. 
आप इन दोनों में से किसी का भी यूज़ करके उस वेबसाइट में एंटर कर सकते हैं. 

क्योंकि आपके पास पहले से ही फेसबुक और गूगल का अकाउंट है जिसमे आपने अपनी डिटेल दे रखी है तो जब आप इस ऑप्शन को चूज करके एंटर करेंगे तो आपको अलग से डिटेल भरने की आवश्यकता नहीं पड़ेगी. 

तो आपकी डिटेल को फेसबुक या गूगल के डेटाबेस से Pinterest तक लाने का काम एपीआई (API) ने ही कम्पलीट किया. 

एपीआई का मुख्य काम होता है एक प्लेटफार्म को दूसरे प्लेटफार्म के साथ जोड़ना. 

और इसको अन्य वेबसाइट भी यूज़ करती है जैसे कोई मूवी टिकट बुक करना चाहता है तो ऑफिसियल वेबसाइट में न जाके दूसरे प्लेटफार्म से बुक करता है जैसे की Paytm तो इस स्थिति में एपीआई उस मूवी वेबसाइट के डेटाबेस से कनेक्ट होकर ये पता लगाएगा की कितनी सीटें खाली है उसके हिसाब से यूजर को बताएगा. 

अब हमलोग जानेंगे की जानेंगे की एपीआई काम कैसे करता है? 

2. How Does API Works? | एपीआई काम कैसे करता है? 

आपने कोई वॉलेट अप्प या वेबसाइट तो देखा ही होगा ये वॉलेट आखिर कैसे इतनी सारी सर्विसेज को एक ही प्लेटफार्म में प्रोवाइड करते है इसके पीछे क्या काम करता है? 

दरअसल इसमें भी एपीआई का ही यूज़ होता है ये एपीआई अलग अलग कंपनियों के डेटाबेस और सर्वर से कनेक्ट हुए रहता है. 

चलिए एक Example देखते हैं:

आपने कभी न कभी अपने फ़ोन में कोई गेम तो खेला ही होगा तो जब आप अपने फ़ोन में गेम इनस्टॉल करते है तो वो गेम आपसे बहुत सारी परमिशन मांगती है क्या आपको पता है कि ये परमिशन क्यों मांगती है? 

इसके पीछे एपीआई (API) काम करता है. जब आप परमिशन दे देते हैं तो एपीआई आपके फ़ोन को चेक करता है की आपके फ़ोन में किस तरह का ग्राफ़िक्स और साउंड प्ले हो सकता है. 

सब कुछ चेक करने के बाद ही वो गेम आपके फ़ोन में चलता है. 

3. Types of API | एपीआई कितने प्रकार के होते हैं? 

एपीआई बहुत प्रकार के होते है और सबका अलग अलग काम होता है और इनके काम करने की क्षमता भी अलग अलग होती है. 

आज मैं आपको कुछ विशेष टाइप के एपीआई के बारे में बताऊंगा. 

1. Procedural (प्रोसीज़रल ) :   

ये अप्प के किसी स्पेशल काम को करने के लिए सॉफ्टवेयर के सर्वर के पास जाता है और सर्वर से कनेक्ट होकर कोई फाइल को खोलने के लिए सामान्य इंटरफ़ेस देता है. 

2. Object Oriented (ऑब्जेक्ट ओरिएंटेड ) :

ये (एपीआई) सिस्टम ऑब्जेक्ट में जो मुश्किल काम होता है उन्हें सर्वर तक पहुंचने का काम करता है. यह बाकि एपीआई से शक्तिशाली और तेज भी होता है.

3. Service Oriented (सर्विस ओरिएंटेड ) :

इस एपीआई का यूज़ करके बहुत सारे प्रोटोकॉल्स के रूप में सेवाओं और कार्यों को करने में किया जाता है. ज्यादातर इस टाइप के एपीआई को शॉपिंग वेब्सीटेस यूज़ करती हैं. 

4. Resource Oriented ( रिसोर्स ओरिएंटेड ) :

इस एपीआई का यूज़ बड़ी-बड़ी कंपनियां करती हैं जो पूरी तरह से सिक्योर रहना चाहती हैं क्योंकि ये एपीआई हमारे डाटा को कलेक्ट करती है और सर्वर तक ले जाती है. 


* कुछ एपीआई (API) के Example:

1. Google Map API: 

इस तरह के एपीआई को मोबाइल और कम्प्यूटर्स के लिए बनायीं जाती है क्योंकि इसका इस्तेमाल करके मैप्स को वेबपेज में डाला जाता है. 

2. Youtube API:

  इस तरह के एपीआई का यूज़ करके यूटूब के वीडियोस को वेबसाइट और अप्प्स में डाला जाता है. 

3. E-Commerce API: 

ईकॉमर्स एपीआई अलग अलग तरह कि होती है जैसे कि एडवरटाइजिंग एपीआई (Advertising API) प्रोडक्ट इनफार्मेशन एपीआई (Product Information API) आदि. और सबका काम अलग अलग होता है. 

4. Payment Gateway API:

पेमेंट गेटवे एपीआई (Payment Gateway API) का यूज़ करके सेलर पेमेंट प्राप्त करता है.


5.  Windows Operating System API: 

विंडोज में मल्टीमीडिया जैसे की ग्राफ़िक्स डिज़ाइन गेमिंग जैसे टास्क को मैनेज करने के लिए इस तरह का एपीआई का यूज़ किया जाता है. 

6. Mob API:

प्रोग्रामर जो एंड्राइड ऑपरेटिंग मोबाइल के लिए अप्प्स बनता है वो इस एपीआई का यूज़ करता है ताकि वो हार्डवेयर के साथ इंटरैक्ट कर सके. 

albarch hawkton

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