संचार मीडिया क्या है? और यह कितने प्रकार का होता है?


नमस्कार दोस्तों आप सभी का स्वागत है आपका अपने ब्लॉग पर फ्रेंड्स जैसे कि पिछली पोस्ट में हमने जाना था कि नेटवर्क टोपोलोजी क्या है और यह कितने प्रकार का होता है यदि से रिलेटेड आज के इस पोस्ट में हम लोग जानने वाले हैं कि संचार मीडिया क्या है? यह कितने प्रकार का होता है? अगर आप ने हमरे पिछली पोस्ट नहीं पढ़ा है तो जाकर उसे पढ़ सकते हैं।


तो चलिए फ्रेंड्स सबसे पहले जानते हैं कि संचार मीडिया क्या है?


संचार मीडिया क्या है

संचार मीडिया क्या है? ( What is Sanchar Media? )

किसी कम्प्यूटर से टर्मिनल या किसी से कम्प्यूटर तक, डेटा के संचार के लिए किसी माध्यम की आवश्यकता होती है, इस माध्यम को कम्युनिकेशन लाइन (Communication Line) या डेटा लिंक (Data link) या संचार मीडिया कहते हैं। ये निम्न दो प्रकार के होते हैं -

  • गाइडेड मीडिया या वियार्ड तकनीक (Guided Media or Wired Technology)
  • अन गाइडेड मीडिया या वायरलेस तकनीक (Unguided Media or Wireless Technology)


आइए इन दोनों के बारे में अच्छे से जानते है

1. गाइडेड केबल या वायर्ड तकनीक (Guided Media or Wired Technology)

गाइडेड मीडिया में डेटा सिग्नल तारों (Wires) के माध्यम से प्रभावित होते है। इन तारों के द्वारा डेटा का संचार किसी विशेष पथ से होता है। ये तार सामान्यतः ये तीन प्रकार के होते हैं


(1) इथरनेट केबल या ट्विस्टेड पेपर केबल (Ethernet Cable or Pair Cable)

(2) कोएक्सियल केबल (Coaxial Cable)

(3) फाइबर ऑप्टिकल केबल (Fibre Optical Cable)

आइए एक एक करके इनको जानते है

1) इथरनेट केबल या ट्विस्टेड पेपर केबल

इस प्रकार के केबल में तार आपस में उलझे (Twisted) होते है, जिसके ऊपर एक कुचलक पदार्थ तथा एक अन्य परत का बाहरी आवरण (जिसे जैकेट कहते हैं) लगा होता है। दोनों में से एक तार सिग्नल्स को प्राप्तकर्ता तक पहुंचने के लिए तथा दूसरा आर्थिंग (Earthing) के लिए उपयोग किया जाता है। इस केबल का प्रयोग छोटी दूरी; जैसे - लोकल एरिया नेटवर्क (LAN) में डेटा संचार के लिए करते हैं।


ट्विस्टेड पेपर केबल ये भी दो प्रकार के होते हैं

(a) अंशील्डेड ट्विस्टेड पेयर (यू टी पी) केबल (Unshielded Twisted Pair (UTP) cable)

यह सबसे साधारण केबल है। इसकी प्रॉक्सिवेंसी रेंज (Frequency Range) डेटा तथा वॉइस, दोनों प्रकार के ट्रांसमिशन के लिए प्रयुक्त है।


(b) शिल्डिड ट्विस्टेड पेयर (एस टी पी) केबल (Shielded Twisted Pair (STP) cable) 

शिल्डीड ट्विस्टेड पेयर केबल का प्रयोग इलेक्ट्रॉनिक नॉइस (Electronic Noise) से बचने के लिए किया जाता है। STP केबल, UTP केबल की तुलना में महंगे होते हैं।


(2) कोएक्सियल केबल (Coaxial Cable)

इस केबल के द्वारा उच्च आवृत्ति वाले डेटा को संचारित किया जाता है। यह केबल उच्च गुणवत्ता का संचार माध्यम है। इस तार को जमीन या समुद्र के नीचे से ले जाया जाता है। इस केबल के केंद्र (center) में ठोस तार के ऊपर तार की जाली बनी होती है। इस कूचलक तार के ऊपर तार की जाली बनी होती है, जिसके ऊपर फिर कुचालक की परत होती है। यह तार अपेक्षाकृत महंगा होता है, किन्तु इसमें अधिक डेटा के संचार की क्षमता होती है। इसका प्रयोग टेलीविज़न नेटवर्क में किया जाता है।


(3) फाइबर ऑप्टिकल केबल (Fibre Optical Cable)

यह एक नई तकनीक है, जिसमें धातु के तारों के स्थान पर विशिष्ट प्रकार के कांच या प्लास्टिक के फाइबर का उपयोग डेटा संचार के लिए करते हैं। ये केबल हल्की तथा तीव्र गति वाले होते हैं। इस केबल का प्रयोग कम्युनिकेशन और नेटवर्किंग के लिए होता है।


2. अन गाइडेड मीडिया या वायरलेस तकनीक (Unguiede Media Wireless Technology)

केबल के महंगा होने तथा इसके रख रखाव का खर्च अधिक होने के कारण डेटा संचार के लिए इस तकनीक का प्रयोग किया जाता है। अन गाइडेड मीडिया में डेटा का प्रवाह, बिना तारों वाले संचार माध्यमों के द्वारा होता है। इस मीडियम में डेटा का प्रवाह तरंगों के माध्यम से होता है, चूंकि इस माध्यम में डेटा का संचार बिना तारों (तरंगों के तार) के होता है इसलिए इन्हें 'अन गाइडेड मीडिया या वायरलेस तकनीक' कहा जाता है जाता है। कुछ अन गाइडेड मीडिया का वियावरण हमने नीचे दिया है-


(1) रेडियोवेव ट्रांसमिशन (Radiowave Transmission)

जब दो टर्मिनल रेडियो आवृत्तियों (Radio Frequencies) के माध्यम से सूचना का आदान प्रदान करते हैं, तो इस प्रकार के संचार (Communication) को राडियोवेव ट्रांसमिशन कहा जाता है। कहा जाता है। ये रेडियो तरंगे सर्वदिशत्मक (Ommnidirection al) होती हैं तथा लंबी दूरी के संचार के लिए प्रयोग की का सकती है। रेडायोवेव ट्रांसमिशन वायर्ड तकनीक से सस्ता होता है तथा मोबिलिटी (Mobility) प्रदान करता है, परंतु इस पर वर्षा, धूल आदि का बूरा प्रभाव पड़ता है।


(2) माइक्रोवेव ट्रांसमिशन (Microwave Transmission)

इस सिस्टम में सिग्नल्स बिना किसी माध्यम के रेडियो सिग्नल्स की भांति संचारित होते हैं। इस सिस्टम में सूचना का आदान प्रदान आवृत्तियों के माध्यम से किया जाता है। माइक्रोवेव इलेक्ट्रोमैग्नेटिक (Electromagnetic) तरंगे होती है, जिनकी आवृत्ति लगभग 0.3 GHz के मध्य होती है, यह एकल दिशात्मक (Uni - Directional) होती हैं। यह कोएक्सियल केबल की तुलना में तीव्र गति से संचार प्रदान करता है। इसमें अच्छी बैंडविथ होती है, किन्तु इस पर वर्षा, धूल आदि (अर्थात खराब मौसम) का बूरा प्रभाव पड़ता है। इसका प्रयोग सेल्यूलर (Cellular) नेटवर्क तथा टेलीविजन ब्रॉडकास्टिंग (Brodcasting) में होता है।


(3) इन्फारेड वेव ट्रांसमिशन (Infared Wave Transmission)

इंफारेड वेव छोटू दूरी के संचार के लिए प्रयोग में लाई जाने वाली उच्च आवृत्ति की तरंगे होती है। ये तरंगे ठोस अब्जेक्ट (Solid Objects); जैसे दीवार दीवार आदि के आर पार नहीं जा सकती । मुख्यत ये टीवी रिमोट, वायरलेस स्पीकर आदि में प्रयोग की जाती है।


(4) सेटेलाइट संचार (Satellite Communication)

सेटलाइट संचार तीव्र गति का डेटा संचार माध्यम है। यह लंबी दूरी के संचार के लिए सबसे आदर्श संचार माध्यम होता है। अंतरिक्ष में स्थित सेटेलाइट (उपग्रह) को जमीन पर स्थित स्टेशन से सिग्नल भेजते हैं तथा सेटलाइट उस सिग्नल का विस्तार करके, उसे दूर स्थित किसी दूसरे स्टेशन पर वापस भेज देता है। इस सिस्टम के द्वारा एक बड़ी मात्रा में डेटा को अधिकतम दूरी तक भेजा जा सकता है। इसका प्रयोग फोन, टीवी तथा इंटरनेट आदि के लिए सिग्नल्स भेजने में होता है।


(5) ब्लूटूथ (Bluetooth)

ब्लूटूथ स्थाई एवम् गतिशील यंत्रों से लघु दूरियों के बीच कम लंबी रेडियो तरंगों का उपयोग करते हुए, आंकड़ों का आदान प्रदान करने वाली एक स्वतंत्र वायरलेस तकनीक का मानक (Standard) है, जो उच्चस्तरीय सुरक्षा के साथ एक Personal एरिया नेटवर्क (PAN) का निर्माण करता है। यह संकलन (Synchronistaion) की समस्या को दूर करते है, इसका आविष्कार एक टेलीकॉम विक्रेता एरिक्सन (Ericsson) द्वारा वर्ष 1994 में किया जाता था। 

ब्लूटूथ में एक विशेष प्रकार कि रेडियो तकनीक, जिसे फ्रीकवेंसी हॉपिंग स्प्रेड स्पेट्रम (Frequency Hopping Spread Spectrum) कहते हैं, का उपयोग किया जाता है और यह भेजे जाने वाले आंकड़ों को टुकड़ों/खंडो में विभाजित कर देती है तथा पुनः 2402 - 2480 MHz के प्रसार के मध्य इसके खंडों को 1 MHz की चौड़ाई वाले 79 बैंड्स तक प्रसारित करता है। ब्लूटूथ से युक्त यंत्र रेडियो दूरसंचार प्रणाली का उपयोग करते हैं, इसलिए इन्हें एक दूसरे के आमने सामने की रेखा में नहीं रखना पड़ता।

मुझे उम्मीद है फ्रेंड्स की आज का यह पोस्ट आपको जरूर पसंद आया होगा नीचे कॉमेंट करके बताएं और इसे शेयर करें उनको जिन्हें इस प्रकार के नॉलेज पढ़ते हैं।
धन्यवाद्

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