कम्प्यूटर नेटवर्क क्या है? इसके प्रकार, एडवांटेज,अनुप्रयोग और अवयव क्या है?

 नमस्कार दोस्तों आप सभी लोगो का स्वागत है हमारे ब्लॉग पर दोस्तो आज के इस पोस्ट में हम कम्प्यूटर के एक बहुत ही महत्वपूर्ण टॉपिक कम्प्यूटर नेटवर्क के बारे में बात करने वाले है, जैसे कि इस पोस्ट में हम बात करेंगे कि कम्प्यूटर नेटवर्क क्या है? कंप्यूटर नेटवर्क के एडवांटेज क्या है कम्प्यूटर नेटवर्क के अवयव नेटवर्क की आवश्यकता एवं अनुप्रयोग और यह कितने प्रकार का होता है इन सभी के बारे में तो चलिए सबसे पहले जानते हैं कि कम्प्यूटर नेटवर्क क्या है?


कम्प्यूटर नेटवर्क क्या है?

कम्प्यूटर नेटवर्क क्या है? (What is Computer Network?)

किसी नेटवर्क में डेटा के ट्रांसफर की मूल तकनीक को पैकेट स्विचिंग (Pocket Switching) कहा जाता है। किसी उपयोगकर्ता द्वारा भेजे जाने वाले डेटा, जिसे प्रायः संदेश (Message) कहा जाता है, को कुछ छोटी इकाईयों में तोड़ा जाता है, जिन्हें पैकेट (Packet) कहते हैं। प्रत्येक पैकेट को अलग अलग मानकर किसी निश्चित पते (Address) पर नेटवर्क के माध्यम से भेजा जाता है।

इन पैकेटों को तब तक एक Packet Switching Exchange (PSE) से दूसरे एक्सचेंज तक भेजा जाता रहता है, जब तक कि वे अपने निश्चित गंतव्य (Denstination) तक न पहुंच जाएं। प्रत्येक एक्सचेंज में पैकेट की जांच की जाती है और आगे भेज दिया जाता है।
कम्प्यूटर नेटवर्क में जुड़े हुए कम्प्यूटरों की विशेषता के आधार पर इन्हें दो रूपों में विभाजित किया जा सकता है

1. सजातीय नेटवर्क (Homogeneous Network)

सजातीय नेटवर्क समान कॉन्फ़िगरेशन (Configuration) तथा प्रोटोकॉल वाले कम्प्यूटरों से मिलकर बना होता है। उदाहरण के लिए, वैन (LAN) एक प्रकार का सजातीय नेटवर्क है।

2. विजातीय नेटवर्क (Heterogeneous Network)

विजातीय नेटवर्क भिन्न भिन्न ऑपरेटिंग सिस्टम तथा प्रोटोकॉल वाले कम्प्यूटरों से मिलकर बना होता है। उदाहरण के लिए, वैन (WAN) एक प्रकार का विजातीय नेटवर्क है।

अभी आप समझ ही गए होंगे कि कम्यूटर नेटवर्क क्या है और इसके सजातीय और विजातीय प्रकार को आगे इसके प्रकार को डिटेल से बात करेंगे
चलिए अब जानते है नेटवर्किंग के एडवांटेज क्या क्या है?

नेटवर्किंग के लाभ (Advantages of Networking)

यहां पर हम इसके तीन प्रकार के एडवांटेज के बारे में बात करेंगे

1. साधन साझा करना (Sharing Resources)

नेटवर्क के किसी भी कम्प्यूटर से जुड़े हुवे साधन (Resource) का उपयोग नेटवर्क के अन्य कम्प्यूटरों पर कार्य करते हुवे कर सकते हैं।
उदाहरण, यदि किसी कम्प्यूटर के साथ लेजर प्रिंटर जुड़ा है, तो नेटवर्क के अन्य कम्प्यूटरों से प्रिंटर के द्वारा कोई भी डेटा प्रिंट किया जा सकता है।

2. डेटा का तीव्र संप्रेषण (Speedy Transmission of Data)

कम्प्यूटर नेटवर्क से दो कम्प्यूटरों के मध्य डेटा का आदान प्रदान तीव्र तथा सुरक्षित रूप से होता है। स
इससे कार्य कि गति तीव्र होती है और समय की बचत होती है।

3. विश्वशनीयता (Reliability)

नेटवर्किंग में किसी फाइल की दो या दो से अधिक कॉपियां अलग अलग कम्प्यूटरों पर स्टोर कि जा सकती है।  यदि किसी कारणवश एक कम्प्यूटर खराब या असफल ही जाता है, तो वह डेटा दूसरे कम्प्यूटरों से प्राप्त किया जा सकता है। इस प्रकार नेटवर्क के कम्प्यूटर एक दूसरे के लिए बैकअप का कार्य भी कर सकते है, जिससे उनकी विश्वशनीयता बढ़ती है।

आइए अब इसकी आवश्यकताएं एवम् अनुप्रयोग के बारे में जानते हैं।


नेटवर्क की आवश्यकताएं एवं अनुप्रयोग (Necessities and Application of Network)


नेटवर्क की प्रमुख आवश्यकताएं एवं अनुप्रयोग निम्न हैं -

1. फैक्स (Fax)

नेटवर्क की सहायता से आप नेटवर्क से जुड़े किसी भी कम्प्यूटर पर फैक्स भेज सकते हैं। इसके लिए फैक्स भेजने व प्राप्त करने वाले कम्प्यूटरों पर फैक्स सॉफ्टवेयर होना आवश्यक होता है।

2. ऑनलाइन ट्रेडिंग (Online Treding)

नेटवर्क के माध्यम से कोई भी यूजर ऑनलाइन ट्रेडिंग कर सकता है अर्थात कंप्यूटर नेटवर्क के माध्यम से घर बैठे क्रय विक्रय किया का सकता है।

3. ईमेल (Email)

ईमेल के द्वारा कम्युनिकेशन काफी सरल हो जाता है। यदि एक संस्थान (Organization) के सभी कम्प्यूटर्स, नेटवर्क से जुड़े हो तो सभी यूजर्स ईमेल के माध्यम से कम्युनिकेट कर सकते हैं।

4. गेम खेलना (Playing Game)

विभिन्न भौगोलिक संस्थानों पर स्थित यूजर्स नेटवर्क के द्वारा मल्टी यूजर गमे में भाग ले सकते हैं।

5. बैंकिंग (Banking)

बैंकिंग में भी नेटवर्क की बहुत आवश्यकता है। यूजर ATM की सहायता से देश के किसी भी कोने से अपने बैंक अकाउंट से पैसे निकाल सकते हैं।

6. दूर स्थित डेटा बसों को एक्सेस करना (Accessing Remote Database) 

यूजर कम्प्यूटर नेटवर्क के माध्यम से नेटवर्क में जुड़े किसी भी कम्प्यूटर उपलब्ध डेटाबेस को एक्सेस कर सकते हैं।


अब चलिए कम्प्यूटर नेटवर्क के अवयवों के बारे में जानते हैं

कम्प्यूटर नेटवर्क के अवयव (Componets of Network)

कोई कम्प्यूटर नेटवर्क विभिन्न तत्वों या अवयवों का समूह होता है। इनमें से कुछ प्रमुख अवयवों का वितरण निम्नलिखित है

सर्वर (Server)

यह नेटवर्क का सबसे प्रमुख अथवा केंद्रीय कम्प्यूटर होता है। नेटवर्क के अन्य सभी कम्प्यूटर्स सर्वर से जुड़े होते हैं। सर्वर क्षमता और गति की दृष्टि से अन्य सभी कम्प्यूटरों से श्रेष्ठ होता है और प्रायः नेटवर्क का अधिकतम अथवा समस्त डेटा सर्वर पर ही रखा जाता है। सर्वर कई प्रकार के हो सकते हैं; जैसे -

1.फाइल सर्वर (File Server)
यह सर्वर किसी नेटवर्क की फाइलों को मैनेज करता है। ये फाइलें उस सर्वर से जुड़े हुए स्टोरेज मीडिया; जैसे - हार्ड डिस्क में सर्वर की जाती है और किसी क्लाइंट (Client) को उसकी आवश्यकतानुसार उपलब्ध कराई जाती है। सभी फाइलों को एक ही केंद्रीय स्थान पर स्टोर करने के कारण डेटा सुरक्षित रहता है तथा बैकअप लेना सरल हो जाता है।

2.प्रिंट सर्वर (Print Server)
यह सर्वर किसी नेटवर्क की फाइलों को नेटवर्क के किसी प्रिंटर द्वारा प्रिंट कराने की सुविधा देता है प्रिंट सर्वर पर जब कोई भी यूजर कार्य करता है, तो वह सर्वर की प्रिंट क्यू (Queue) से जुड़ सकता है। प्रिंट सर्वर इस बात का भी ध्यान रखता है कि किस समय कोन सा प्रिंटर व्यस्त व्यस्त (Busy) है और कोन सा फ्री (Free)।

3. मेल सर्वर (Mail server)
यह सर्वर नेटवर्क के विभिन्न नोडों (Nodes) के बीच इलेक्ट्रॉनिक संदेशों के आदान प्रदान के लिए उतरदयी होता है। इसकी सहायता से कोई एक संदेश, नेटवर्क के सभी क्लाइंटों को एक साथ भेजा जा सकता है, जिसे ब्रॉडकास्टिंग (Broadcasting) कहते है।

4. डेटाबेस सर्वर (Detabase server)
एक अधिकृत क्लाइंट को एक उभयनिष्ट डेटाबेस में देखने, बनाने/हटाने की अनुमति डाटाबेस सर्वर देता है। डेटाबेस मैनेजमेंट सिस्टम के उदाहरण है- Oracle 9i/10sg, सर्वर MS-SQL सर्वर 2000/2005/2008, DB2, MySQL आदि।

5. डायरेक्ट्री सर्वर (Directory server)
डायरेक्ट्री सर्वर, यूजर्स के सेंट्रल एडमिनिस्ट्रेशन (प्रशासन) तथा स्रोतों को स्वीकारता है। डायरेक्ट्री सर्वर के उदाहरण है - एक्टिव डायरेक्ट्री NDS (Noble Directory Service), फैडोरा डायरेक्ट्री सर्वर, ओपन LDAP आदि।

नोड/क्लाइंट Node/Client

सर्वर के अलावा नेटवर्क के अन्य सभी कम्प्यूटरों को नोड (Node) कहा जाता है। ये वे कम्प्यूटर होते है, जिन पर उपयोगकर्ता कार्य करते हैं। प्रत्येक नोड का एक निश्चित नाम और पहचान होती है। कुछ नोड अधिक शक्तिशाली होते है, ऐसे नोडो को प्रायः वर्कस्टेशन (Workstation) कहा जाता है। नोड़ों को प्रायः क्लाइंट (Client) भी कहा जाता है।

नेटवर्क केबल (Network Cable)

जिन केबलों के द्वारा नेटवर्क के कम्प्यूटर्स आपस में जुड़े होते हैं, उन्हें नेटवर्क नेटवर्क केबल कहा जाता है। सूचनाएं, एक कम्प्यूटर से नेटवर्क के दूसरे कम्प्यूटर तक केबलों से होकर ही जाती है। इनको प्रायः बस (Bus) भी कहा जाता है।

नेटवर्क ऑपरेटिंग सिस्टम (Network Operating System)

यह ऐसा सॉफ्टवेयर है, जो नेटवर्क के कंप्यूटर्स के मध्य संबंध निश्चित करता है और उनके मध्य सूचना के आवागमन को नियंत्रित करता है। यह सॉफ्टवेर सर्वर में लोड किया जाता है।

नेटवर्क कार्ड (Network Card)

यह एक ऐसा सर्किट होता है, जो नेटवर्क केबलों को कम्प्यूटरों से जोड़ता है। इन कार्डो की सहायता से जुड़े प्रत्येक कम्प्यूटर के मदरबोर्ड में लगाए जाते हैं। इनको इथरनेट कार्ड (Ethernet
ी कहा जाता है।

अब चलिए कम्प्यूटर नेटवर्क के प्रमुख प्रकारों के बारे में जानते हैं

कम्प्यूटर नेटवर्क के प्रकार (Types of Computer Network)


नेटवर्को को उनके कम्प्यूटरों की भौगोलिक स्थिति के अनुसार मुुख्यतः निम्न श्रेणियों में बांटा जाता है

1. लोकल एरिया नेटवर्क (Local Area Network - LAN)

ऐसे नेटवर्कों के सभी कम्प्यूटर्स एक सीमित क्षेत्र में स्थित होते है। यह क्षेत्र लगभग एक किलोमीटर की सीमा में होना चाहिए; जैसे - कोई बड़ी बिल्डिंग या बिल्डिंगों का समूह । लोकल एरिया नेटवर्क में जोड़े गए उपकरणों कि संख्या अलग अलग ही सकती है। इन उपकरणों को किसी प्रकार के संचार केबल द्वारा जोड़ा जाता है। 

लोकल एरिया नेटवर्क के द्वारा कोई संगठन अपने कम्प्यूटर, टर्मिनलों, कार्यस्थलों तथा अन्य बाहरी उपकरणों को एक योग्य (Capable) तथा प्रभावी मूल्य (Effective Cost) विधि से जोड़ सकता है, ताकि वे आपस में सूचनाओं का आदान प्रदान कर सकें तथा सबको सभी साधनों का लाभ मिल सके।

2. मेट्रोपोलटिन एरिया नेटवर्क (Metropolitan Area Network - MAN)

जब बहुत सारे लोकल एरिया नेटवर्क अर्थात लैन किसी नगर या शहर के अंदर एक दूसरे से जुड़े रहते है, तो इस प्रकार के नेटवर्क को मेट्रोपॉलिटिन एरिया नेटवर्क कहा जाता है। इसकी गति 10-100 Mbits/sec होती है। ये काफी महंगे नेटवर्क होते है, जो फाइबर ऑप्टिक (Fibre Optic) केबल से जुड़े होते हैं। ये टेलीफोन या केबल ऑपरेटर और माइक्रोवेव लिंक द्वारा प्रदान किए जाते हैं।

3. वाइड एरिया नेटवर्क (Wide Area Network - WAN)

वाइड एरिया नेटवर्क से जुड़े हुए कम्प्यूटर्स तथा उपकरण एक दूसरे से हजारों किलोमीटर की भौगोलिक दूरी पर भी स्थित हो सकते हैं। इनका कार्यक्षेत्र कई महाद्वीपों तक फैला हो सकता है। यह एक बड़े आकार का डेटा नेटवर्क होता है। इसमें डेटा के संचरण की दर लोकल एरिया नेटवर्क की तुलना में कम होती है। 

अधिक दूरी के कारण प्रायः इनमें माइक्रोवेव स्टेशनों या संचार उपग्रहों (Communication Satellites) का प्रयोग सन्देश आगे भेजने वाले स्टेशनों कि भांति किया जाता है। माइक्रोवेव नेटवर्क दो रिले टावरों के मध्य आवाज या डेटा को रेडियो तरंगों के रूप में भेजते हैं। प्रत्येक टॉवर उस संदेश को प्राप्त करके बढ़ता (Amplify) है और फिर आगे भेज देता है।

दोस्तो उम्मीद करता हूं कि आपको आज का ये पोस्ट पसंद आया होगा अगर आपको यह पोस्ट पसंद आया है तो इसे अपने फ्रैंड्स और ऐसी नॉलेज पढ़ने वाले के पास जरूर से शेयर करें मिलते हैं अगले नए पोस्ट में धन्यवाद!

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