MONITOR क्या होता है और इसके कितने प्रकार होते है?

आज का युग टेक्नोलॉजी का युग है जिसमें हमारे दिन की शुरुआत  मोबाइल  और कंप्यूटर से  होता है. और  हम अपना आधे से ज्यादा टाइम मोबाइल और कंप्यूटर में बिताते हैं. 

मॉनिटर  कंप्यूटर का एक जरुरी हिस्सा होता है इसमें यूजर को विसुअल चीजे है जैसे फोटोज, वीडियोस ,टेक्स्ट इत्यादि दिखाई  देते है तो आज हम आपको इसे मॉनिटर के बारे में पूरी जानकारी देने वाले हैं।


1. MONITOR Full Form in Hindi | मॉनिटर का फुल फॉर्म क्या होता है?

सबसे पहले हम लोग जानेगे कि की मॉनिटर का फुल फॉर्म क्या होता है?

MONITOR: Mass On Newton Is Train On Rate



और अब हमलोग जानेगे की मॉनिटर क्या होता है ?


2. What is Monitor in Hindi | मॉनिटर क्या होता है ?


मॉनिटर एक आउटपुट डिवाइस है जो दिखने में कंप्यूटर की तरह ही होता है. मॉनिटर कंप्यूटर एक बहुत ही जरुरी हिस्सा है बिना मॉनिटर के कंप्यूटर बिलकुल अधूरा है.


मॉनिटर जो है सीपीयू के अंदर हो रही प्रक्रियाओं को सॉफ्ट कॉपी के रूप में यूजर को विसुअल के रूप में दिखती है जिससे की कंप्यूटर में कुछ भी काम करना आसान हो जाता है.  


और अगर मॉनिटर न होती तो आपको कुछ दिखाई ही नहीं देता और न ही आप कुछ देख पाते और इसका उसे कर पाते. सीधी भाषा में कहूँ तो कंप्यूटर के लिए मॉनिटर बहुत जरुरी है.  


और अभी आप जो देख रहे हैं अपने स्क्रीन पर वो मॉनिटर और कंप्यूटर के बाकि हिस्सों के चलते ही दिखाई दे रहा है. मॉनिटर को विसुअल डिस्प्ले यूनिट (Visual Display Unit) भी कहा जाता है.  


 मॉनिटर द्वारा दिखाए जाने वाले रंगो के आधार पर ये तीन प्रकार के होते हैं: 


(1) मोनोक्रोम (Monochrome):


मोनोक्रोम दो अक्षरों से मिलकर बना है मोनो और क्रोम. मोनो  का मतलब होता है एकल यानि की सिंगल और क्रोम का मतलब होता है रंग यानि की कलर इसलिए इसे सिंगल कलर डिस्प्ले भी  कहते है. यह आउटपुट को यूजर के सामने ब्लैक & वाइट कलर में दिखाता है. 



(2) ग्रे स्केल (Grey-Scale):


ग्रे स्केल मॉनिटर, मोनोक्रोम की तरह ही होता है लेकिन यह मॉनिटर किसी भी तरह के विसुअल को यूजर के सामने ग्रे शेड्स में दिखाता है. और इस तरह के मॉनिटर का यूज़ लैपटॉप वगेरा में ज्यादातर किया जाता है.

(3) रंगीन मॉनिटर (Color-Monitor):

ऐसे मॉनिटर लाल हरा और नीले विकिरणों के समायोजन के रूप में आउटपुट को यूजर के सामने दिखाता है. ऐसे मॉनिटर हाई रेसोलुशन में ग्राफ़िक्स को प्रदर्शित करने में सक्षम होते है.

कंप्यूटर की मेमोरी की क्षमता के अनुसार 16 से लेकर 16 लाख तक के रंगो को आउटपुट के रूप में यूजर के सामने दिखा सकते है. और इसमें जो आउटपुट दिखाया जाता है वो रंगीन कलर में दिखता है. 



और अब हमलोग जानेगे की की असल में मॉनिटर के कितने प्रकार होते है? 


 3. Types of Monitor in Hindi | मॉनिटर के कितने प्रकार होते है? 


* CRT Monitor

* LCD Monitor

* LED Monitor

* Plasma Monitor



सबसे पहले हमलोग जानेंगे की सीटीआर मॉनिटर क्या होता है उसके बाद हमलोग बाकि मॉनीटरो के बारे में भी जानेंगे. 



* CRT Monitor:


CRT मॉनिटर जिसका फुल फॉर्म होता है Cathode Ray Tube जिसे विसुअल डिस्प्ले यूनिट (Visual Display Unit) भी कहा जाता है ये सबसे ज्यादा यूज़ होने वाला मॉनिटर है.


इसका जो मैं पार्ट होता है वो कैथोड रे ट्यूब होता है जिसे सामान्य तौर पर पिक्चर तुबे भी कहा जाता है. अधिकतर मॉनिटर में पिक्चर रे ट्यूब होता है जो टीवी सेट के ही समान होती है. 


यह ट्यूब सीआरटी कहलाती है. सीआरटी टेक्नोलॉजी सस्ती होने के बाद भी अच्छी कलर में यूजर को आउटपुट प्रदान करता है.


 सीआरटी मॉनिटर में एक इलेक्ट्रान गन होता है जो इलेक्ट्रॉन्स की बीम और कैथोड रेस को छोड़ता है ये इलेक्ट्रान बीम इलेक्ट्रॉनिक ग्रिड के पास जाती है ताकि इलेक्ट्रान की स्पीड को काम कर सके.


सीआरटी की स्क्रीन पर फास्फोरस की कोडिंग की जाती है इसलिए जैसे ही इलेक्ट्रॉनिक बीम स्क्रीन से टकराती है तो पिक्सेल चमकने लगते है और मॉनिटर की स्क्रीन पर हमें विसुअल दिखाई देते है. 


* LCD Monitor:


एलसीडी का पूरा नाम होता है लिक्विड क्रिस्टल डिस्प्ले. बहुत ही आकर्षक होते हैं. यह एक डिजिटल टेक्नोलॉजी है जो एक फ्लैट सतह पर तरल क्रिस्टल के माध्यम से आकृति बनाता है.


यह मॉनिटर कम जगह लेता है और ऊर्जा भी कम खपत करता है और साथ ही सीआरटी मॉनिटर की तुलना में कम गर्मी पैदा करता है. यह डिस्प्ले सबसे पहले लैपटॉप के स्क्रीन में उसे हुआ करता था पर अब यह डेस्कटॉप के स्क्रीन में भी यूज़ होने लगा है. पहले सीआरटी मॉनिटर टेलीविज़न की तरह ही हुआ करते थे लेकिन आज टेक्नोलॉजी के विकास के कारण सीआरटी मॉनिटर के बदले मार्किट में एलसीडी मॉनिटर प्रचलन में आयी है. 



* LED Monitor:


आज के समय में एलसीडी मॉनिटर की जगह में एलईडी मॉनिटर का इस्तेमाल किया जा रहा है. और यह मॉनिटर दिखने में बिलकुल एलसीडी मॉनिटर की तरह ही दिखता है 

लेकिन एलईडी मॉनिटर जो है 1.5 वाट की पावर का इस्तेमाल करता है और हमारी आँखों पर बहुत ही कम जोर डालता है. 

एलईडी मॉनिटर एलसीडी की तुलना में ज्यादा समय तक काम कर सकता है. एलईडी का पूरा नाम लाइट इमिटिंग डायोड है. यह एक सेमीकंडक्टर डिवाइस होता है जो लाइट को उत्सर्जित करता है.  


एलईडी मॉनिटर के फायदे यह होते हैं की ये हाई कंट्रास्ट वाले इमेज को प्रोड्यूस करते है यानि की अच्छी क्वालिटी में दिखाते है. 


यह मॉनिटर सीआरटी और एलईडी से ज्यादा टिकाऊ होते है और इसकी भी बहुत पतली होती है. चलते समय यह गर्मी भी पैदा नहीं करता है. 


बस समस्या ये है की ये थोड़े महंगे मिलते है.    



उम्मीद है आपको मॉनिटर क्या होते है और इसके प्रकार के बारे में जानकारी मिल गयी होगी. 



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