Linux Full form in Hindi | लाइनक्स का फूल फॉर्म क्या होता है?

 Linux क्या है? लाइनक्स का Full form क्या होता है? हम में से काफी सारे लोग ये सवाल सुनते है और हमको इसका जवाब पता नहीं होता है कि लाइनक्स के फीचर्स क्या क्या होते है उसकी कमियां क्या क्या होता है लाइनक्स का स्ट्रक्चर इस तरह के चीजे को पता नहीं होता हाज के इस पोस्ट में हम इसी के बारे में बात करने वाले है।

आइए जानते है Linux का Full फॉर्म क्या होता है?

Linux Full form in Hindi (लाइनक्स का फूल फॉर्म क्या होता है?)

Linux - Lovable Intellect Not Using XP

अब चलिए जानते हैं कि लाइनक्स क्या है? और इससे जुड़े और महत्वपूर्ण जानकारियां

What is Linux? (लाइनक्स क्या है?)

यह एक ऑपरेटिंग सिस्टम है। यह यूनिक्स का दूसरा रूप है। वर्ष 1964 में जनरल इलेक्ट्रिक (General Electric - GE), एटी एंड टी (AT&T) बेल प्रयोगशाला और कुछ शोधकर्ताओं ने संयुक्त रूप से एक ऑपरेटिंग सिस्टम का विकास किया । इसका नाम मल्टिक्स (MULTICS: Multiplexed Information and Computing Service) रखा गया।

बाद में वर्ष 1969 में केन थाम्पसन (Ken Thompson) और डेनिस रिची ने एटी एंड टी (AT&T) प्रयोगशालाओं के शोधकर्ताओं से मिलकर इससे unix ऑपरेटिंग सिस्टम का विकास किया जिसमें मल्टीक्स के बहुत से गुणों को सम्मिलित किया गया था। 

Unix में कई वर्षों तक विकास होता रहा था। यह निजी उत्पाद से परिवर्तित होकर सार्वजनिक उत्पाद बन गया। इसी क्रम में माइक्रोसॉफ्ट ने Unix को एक पीसी संस्करण (PC Version) भी निकाला, जिसका नाम उन्हें जेनिक्स (Zenix) रखा।

लाइनक्स वास्तव में unix का ही प्रतिरूप है, जो स्वतंत्र रूप से विकसित किया गया है। इसका प्रारंभ लीनस टॉर्वल्ड्स (Linus Torvalds) नाम के विद्यार्थी ने हेलंसिकी विश्वविद्यालय में एक प्रोजेक्ट के रूप में किया गया था। 

वह प्रारम्भ में Unix के लघु संस्करण मिनिक्स का उपयोग विद्यार्थियों को सीखने में क्या करता था। इस ऑपरेटिंग सिस्टम की विशेषताओं से प्रभावित होकर, उन्होंने इसका एक अलग संस्करण निकालने और उसे सबको फ्री वितरित करने का निश्चय किया। 

इसी से लाइनक्स का विकास हुआ। इसमें unix ही नहीं अन्य सभी ऑपरेटिंग सिस्टमों की अधिकांश विशेषताएं सम्मिलित है।

इसका पहला संस्करण 0.11, वर्ष 1991 में रिलीज किया गया था। इस संस्करण को इंटरनेट के माध्यम से लोगों में बांटा गया था। आजकल अनेक कंपनियां लाइनक्स को विभिन्न नामों से वितरित कर रही हैं। 

इनमे रैड हैट (Red Hat) सबसे अधिक प्रचलित और लोकप्रिय है इसके विकास में दुनिया के सभी क्षेत्रों के लोगों ने योगदान दिया है।

लाइनक्स में इंटरनेट से संबंधित सिस्टम का पूरा प्रायः सुविधाएं उपलब्ध हैं। लाइनक्स ऑपरेटिंग सिस्टम का पूरा सोर्स कोड इंटरनेट पर उपलब्ध है और कोई भी व्यक्ति उसमे मॉडिफाई भी कर सकता है।

 लाइनक्स ऑपरेटिंग सिस्टम में चलने वाले प्रायः सभी प्रकार के सॉफ्टवेर भी आजकल सरलता से उपलब्ध है; जैसे - वर्ड प्रोसेसर, स्प्रैड शीट, प्रेजेंटेशन, डेस्कटॉप पब्लिशिंग, इमेज प्रोसेसिंग, ड्राइंग आदि।

अब चलिए लाइनक्स के मुख्य विशेषताओं के बारे में जानते है।

Main Features of Linux (लाइनक्स के मुख्य विशेषताएं)

लाइनक्स ऑपरेटिंग सिस्टम में अनेक विशेषताएं हैं, जिनमे से कुछ महत्वपूर्ण विशेषताएं मैंने नीचे दिया हूं

1. यह एक मल्टी यूजर ऑपरेटिंग सिस्टम है। इसमें एक ही समय पर एक से अधिक उपयोगकर्ता स्वतंत्र रूप से कार्य कर सकते हैं और अपने अपने प्रोग्रामों को चला सकते हैं।

2. लाइनक्स, फाइलों को सुरक्षा भी प्रदान करता है। यह अपने से जुड़े प्रत्येक उपयोगकर्ता को एक अलग फाइल सेट व डायरेक्ट्री से जोड़ देता है। 

इस प्रकार कोई उपयोगकर्ता केवल अपनी डायरेक्ट्री में  उपलब्ध सूचनाओं को ही पढ़ सकता है, और हटा सकता है मॉडिफाई कर सकता है। 

इसका लाभ यह जीता है कि जो अन्य उपयोगकर्ता है उनकी फाइलों में कोई बदलाव नहीं हो सकता।

3. लाइनक्स एक मल्टी प्रोग्रामिंग ऑपरेटिंग सिस्टम है। यह विभिन्न उपयोगकर्ताओं के कई प्रोग्रामों को एक साथ संचालित कर सकता है लाइनक्स में मल्टी प्रोग्रामिंग सुविधा टाइम शेयरिंग द्वारा उपलब्ध कराई गई है।

4. लाइनक्स ऑपरेटिंग सिस्टम वायरसों के अटेको से पूरी तरह से सुरक्षित है, क्योंकि समान्य उपयोगकर्ता इसके मुख्य भाग 'कर्नल' तक नहीं पहुंच सकता।

5. लाइनक्स भी विंडोज़ की भांति ग्राफिकल यूजर इंटरफेस पर कार्य करता है। इसकी विंडोज़ को X-विंडोज़ कहा जता है। विंडोज़ की भांति इसमें भी डेस्कटॉप, आइकन, मेनू, फ्रेम आदि समस्त सुविधाएं होती है। वैसे आवश्यकता होने पर इसमें डॉस की भांति कमांड लाइन इंटरफेस में भी कार्य किया जाता है।

6. लाइनक्स में डॉस आधारित प्रोग्रामों को भी चलाया जा सकता है। इसके लिए डॉस एमुलेटर या DOSEMV नामक प्रोग्राम का उपयोग किया जाता है।

7. लाइनक्स में अपने अपाचे वेब सर्वर प्रोग्राम भी उपलब्ध है, जिसमें वेबपेजों को तैयार तथा व्यवस्थित किया जाता है।

8. लाइनक्स में इसके अतिरिक्त बहुत से उपयोगी और मुफ्त सॉफ्टवेर भी उपलब्ध है; जैसे - टेक्स्ट एडिटर, वेब ब्राउज़र, वैज्ञानिक उपकरणों के सॉफ्टवेर आदि।

9. लाइनक्स कई प्रकार की मशीनों पर इंस्टाल किया जा सकता है और उसके सॉफ्टवेर को फिर से configure करने की कोई आवश्कता नहीं होती।

आइए अब इसके कमियों के बारे में भी जान लेते हैं

Main Drowbacks of Linux (लाइनक्स के मुख्य कमियां)

लाइनक्स में उपरोक्त विशेषताओं के अतिरिक्त कुछ कमियां भी हैं, जो निम्न प्रकार है:

1. इसकी प्रमुख कमी यह है कि इस पर कार्य करना बहुत मुश्किल है। इसमें सभी आदेशों को उनके प्रारूप( syntax) सहित याद रखना पड़ता है।

2. इसके अतिरिक्त इसकी विशेषता में स्थायित्व (Stability) की कमी भी है। इसमें कोई सॉफ्टवेर इंस्टाल करना या उसे हटाना भी बहुत कठिन होता है।

3. लाइनक्स में नया हार्डवेयर जोड़ना अत्यंत कठिन होता है जबकि विंडोज़ के साथ ऐसा नहीं है क्योंकि विंडोज़ में हार्डवेयर के अधिकांश ड्राइवर, हार्डवेयर निर्माता द्वारा ही तैयार किया जाता है।

4. लाइनक्स के लिए उपलब्ध विभिन्न सॉफ्टवेर की सूचना सामान्य उपयोगकर्ता को न होने के कारण अभी इसका प्रयोग सीमित है, जबकि विंडोज़ में बहुत पैकिजिज उपलब्ध हैं।

5. नए उपयोगकर्ता के लिए कमांड लाइन का प्रयोग सीखना कठिन है, क्योंकि प्वाइंट या क्लिंकिग के स्थान पर उपयोगकर्ता को आदेश (Command) याद रखना पड़ता है।

6. लाइनक्स केस सेंसिटिव है अर्थात इसमें अंगेजी वर्णमाला के छोटे और बड़े अक्षरों को अलग अलग माना जाता है, इसलिए यदि गलती से किसी आदेश में छोटे अक्षर के स्थान पर कैपिटल अक्षर का प्रयोग कर लिया जाता है, तो आदेश गलत ही जाता है।

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