DOS Full form | डॉस का फूल फॉर्म क्या होता है?

Dos क्या है? Dos का full फॉर्म क्या होता है? Ms Dos के क्या कार्य होता है? एमएस डॉस की सरंचना, और एमएस डॉस में prompt क्या है? और एमएस डॉस में कितने प्रकार के कमांड्स होते है? एमएस डॉस से जुड़ी ये सारी जानकारी चीजे इस पोस्ट में आप जानेंगे।

डॉस एक पुराना ऑपरेटिंग सिस्टम है, जो ऑपरेटिंग सिस्टम के आने से पहले प्रचलन में था। बाद में इसको माइक्रोसॉफ्ट ने खरीद लिया तथा इसका नामकरण एमएस डॉस किया।
लाइनक्स युनिक्स जैसा एक सिस्टम है।

यह ओपन सोर्स सॉफ्टवेयर का सबसे कामयाब तथा लोकप्रिय सॉफ्टवेयर है, जोकि युनिक्स से गया है। लाइनक्स के विकास में दुनिया के सभी क्षेत्रों के लोगों ने योगदान दिया है, इसमें से संबंधित प्रायः सभी सुविधाएं उपलब्ध हैं।
आइए जानते हैं कि एमएस डॉस का full फॉर्म क्या होता है

MS DOS full form (एमएस डॉस का फूल फॉर्म)

MS DOS - Microsoft - Disk Operating system

What is MS-DOS? (एमएस डॉस क्या है?)

जो ऑपरेटिंग सिस्टम अपने कार्य में बार - बार डिस्क मदद लेता है, उसे ऑपरेटिंग सिस्टम या डॉस कहा जाता है। डॉस छोटे - बड़े सभी प्रकार के कम्प्यूटर के लिए हो सकता है। IBM के पर्सनल कम्प्यूटरों के लिए माइक्रोसॉफ्ट नामक ने जो ऑपरेटिंग सिस्टम बनाया , उसे पर्सनल कम्प्यूटर डिस्क ऑपरेटिंग सिस्टम (Personal Computer-Disk Operating system) या पीसी डॉस (PC-DOS) कहा गया । 

बाद में माइक्रोसॉफ्ट नामक कंपनी ने आईबीएम - पीसी कंपैटिबल (IBM - PC Compatible) कम्प्यूटरों के लिए जो ऑपरेटिंग सिस्टम तैयार किया, उसका नाम माइक्रोसॉफ्ट - डिस्क ऑपरेटिंग सिस्टम (Microsoft Disk Operating system) या एमएस डॉस (MS - DOS) रखा गया।

अब चलिए जानते हैं एमएस डॉस कार्य क्या क्या होता है


Function MS DOS (एमएस डॉस के कार्य)

एमएस - डॉस द्वारा अपने आप किये जाने वाले कार्य निम्नलिखित है


  1. कीबोर्ड से डेटा या आदेश प्राप्त करना।
  2. VDU पर परिणाम या सूचनाएं दर्शाना।
  3. कम्प्यूटर के हार्डवेयर (जैसे - सीपीयू, मेमोरी, डिस्क आदि ) के कार्यों पर नजर रखना।
  4. प्रोग्रामों के मेमोरी में स्थान बनाना।
बाहरी उपकरणों या साधनों के कार्यों पर नियंत्रण रखना।
इसके अलावा कुछ ऐसे भी कार्य होते हैं, जो एमएस डॉस को कराए जा सकते हैं। उनमें से कुछ मुख्य निम्नलिखित हैं
नई फाइलों बनाना, पुरानी फाइलों को हटाना, फाइलों के नाम बदलना आदि।


  1. सभी फाइलों कि सूची (list) बनाना।
  2. नई फ्लॉपी डिस्को को फॉर्मेट करना।
  3. हार्ड डिस्क से फ्लॉपी पर फाइलों का बैकअप लेना।

Structure of DOS (डॉस की सरंचना)

इस ऑपरेटिंग सिस्टम तथा कम्प्यूटर के मध्य समन्वय स्थापित करने के लिए निम्नलिखित प्रोग्रामों की आवश्यकता होती है

बूट रिकॉर्ड (Boot Record) यह MS-DOS का मुख्य प्रोग्राम है और ऑपरेटिंग सिस्टम को मुख्य मैमोरी में लोड करता है।

इनपुट/आउटपुट सिस्टम (I/O. SYS) यह प्रोग्रामों तथा हार्डवेयर के मध्य इंटरफेस प्रदान करता है।

MS - DOS.SYS प्रोग्राम रुटिंस (Programm Routines) तथा डेटा केबल का एक समूह होता है, जो उच्चस्तरीय प्रोग्राम (उदाहरण के लिए: एप्लिकेशन प्रोग्राम) प्रदान करता है।

Command.Com प्रोग्राम
यह उपयोगकर्ता को निर्देशों (Commands) का समूह प्रदान करता है, जो उपयोगकर्ता को फाइल मैनेजमेंट (File management) आदि की सुविधा प्रदान करता है।

MS - DOS Prompt (एमएस डॉस prompt)

पीसी की बुटिंग हो जाने अर्थात् एमएस डॉस रैम में लोड हो जाने के बाद पीसी की स्क्रीन पर एक चिन्ह दिखाई पड़ता है, जिसे कमांड prompt या केवल prompt कहा जाता है
C:>
यहां 'C:' उस ड्राइव का नाम है, जिससे एमएस डॉस लोड किया गया है, यह A,B या D भी हो सकता है। चिन्ह (>) prompt चिन्ह है। इसे यूजर अपनी इच्छा अनुसार परिवर्तित भी कर सकते हैं। Prompt के बाद छोटी बड़ी रेखा के रूप में कर्सर भी होता है, जो लगातार टिमटिमाता रहता है।

VDU स्क्रीन पर दिखाई पड़ने और कर्सर के टिमटिमाने का अर्थ यह है कि एमएस डॉस अगले आदेश के लिए तैयार है और कब नया आदेश टाइप कर सकते हैं। प्रत्येक आदेश पीसी में चला जाता है और उसी समय उसके एकजिक्यूशन प्रारम्भ हो जाता है।

इस आदेश का एकजिक्यूशन पूरा हो जाने के बाद (या उसे बीच में ही खत्म कर देने के बाद ) स्क्रीन पर prompt पुनः वापस आता है, ताकि नया आदेश दिया जा सके।

या करंट ड्राइव कहा जाता है; जैसे - यदि prompt में C; है तो इसका अर्थ यह है कि इस समय यूजर ड्राइव C के लिए माना जाएगा।

उदाहरण, मान लीजिए आपने किसी फाइल की कॉपी करने का आदेश दिया है, तो माना जाएगा कि फाइल ड्राइव C में है। यदि फाइल वहां नहीं है तो बेकार हो जाएगा और स्क्रीन पर फाइल not found का संदेश आ जाएगा।


आप अपनी करंट ड्राइव बदल भी सकते हैं। यदि यूजर ड्राइव A पर आना चाहते है तो निम्नलिखित आदेश दिया जाएगा
C:A: enter
यहां एंटर या रिटर्न के लिए हम इसी का प्रयोग करते है। उपरोक्त आदेश देने के लिए बाद Promot निम्न से हो जाएगा
A:>
अब ड्राइव A आपकी करंट ड्राइव है। कभी कभी prompt निम्न प्रकार दिखाई पड़ता है
C:\>
इसमें करंट ड्राइव के साथ ही करंट डायरेक्ट्री का नाम भी दिखाया जाता है। यहां 'C:' करंट ड्राइव का नाम है और '\' करंट डायरेक्ट्री का नाम (रुट डायरेक्ट्री है) prompt करंट डायरेक्ट्री का नाम दिखाने या न दिखाना या न दिखाना, यूजर की इच्छा पर निर्भर है।

MS-DOS Commands (एमएस-डॉस को आदेश)

एमएस डॉस को आदेश (Command) देकर कार्य कराए जाते हैं। प्रत्येक कार्य के लिए एक विशेष आदेश होता है, जिसका एक निश्चित नाम भी होता है।


वास्तव में ये आदेश उन छोटे छोटे प्रोग्रामों के नाम है, जो उन कार्यों को कराने के लिए ही लिखे गए हैं। उदाहरण, 'COPY' आदेश एक ऐसे प्रोग्राम का नाम है, जो किसी फाइल की दूसरी कॉपी (अर्थात ठीक वैसी ही दूसरी फाइल) बनाने के लिए लिखा गया है। इस प्रोग्राम को चलाने के लिए एमएस डॉस को कॉपी  आदेश दिया जाता है। प्रत्येक आदेश के साथ हम कुछ ऐसी सूचना भी देते है जो उस आदेश का अक्जिक्यूशन करने के लिए आवश्यक है; जैसे COPY आदेश के साथ हमें यह बताना पड़ता है कि फाइल की कॉपी किस नाम से बतानी है।

एमएस डॉस के आदेश दो प्रकार के होते हैं

  • आंतरिक आदेश (Internal Commands)
  • बाह्य आदेश (Exeternal Commands)

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