SQL full form | Computer Science में SQL क्या होता है ?

SQL का full फॉर्म क्या होता है, SQL का मीनिंग क्या होता है, SQL क्या है? SQL कमांड्स के बारे में यदि आप जानकारी खोज रहें है तो आप एक दम सही पोस्ट पढ़ रहे है। इन तमाम सवालों के जवाब आप इस पोस्ट में पाने वाले है। इस पोस्ट को पूरा अंत तक ध्यान से पढ़े।

SQL full form


SQL का  full फॉर्म:


SQL - Structured Query Language


SQL क्या है? SQL का मीनिंग क्या होता है?


SQL का पूरा नाम स्ट्रक्चर्ड क्वेरी लैंग्वेज (Structure Query Language) है। यह एक हाई - लेवल लैंग्वेज है, जिसका प्रयोग Database एवं इससे संबंधित Objects जैसे - टेबल्स, क्वेरीज, व्यूज़ इत्यादि को क्रिएट करने , टेबल के स्ट्रक्चर को परिवर्तित करने, टेबल में डेटा को इंसर्ट, अपडेट एवं डिलीट करने, यूजर्स को डेटाबेस पर विभिन्न प्रकार की अनुमति करने अर्थात ग्रांट अथवा डिनाइ करने और अनुमति को रिवोक अर्थात वापस लेने के लिए जाता है।


SQL एक नॉन - Procedural लैंग्वेज है। अतः यह एक फोर्थ जेनरेशन लैंग्वेज  है।



SQL के कमांड्स:


MySQL डेटाबेस से डेटा को प्रोसेस करने के लिए , सभी एप्लिकेशन, प्रोग्रामर और उपयोगकर्ताओं की स्ट्रकचर्ड क्वेरी लैंग्वेज का प्रयोग करना चाहिए। SQL कमांड्स डेटा के साथ विशिष्ट कार्य को पूरा करने के लिए डेटाबेस के साथ संवाद करते है।


1. डेटा डेफिनिशन लैंग्वेज कमांड्स

डेटा डेफिनेशन लैंग्वेज कमांड्स विभिन्न डेटाबेस ऑब्जेक्ट ; जैसे - टेबल, व्यूज़, इंडेक्स इत्यादि, को क्रिएट और मोडिफाईड करने के लिए किया जाता है। क्रिएट ड्रॉप एवं अल्टर डेटा डेफिनेशन लैंग्वेज (DDL) की प्रमुख कमांड्स है। ये कमांड्स डेटाबेस के मैनेजमेंट और एडमिनिस्ट्रेशन से संबंधित होती है।


(a) Create Table Command:

इस कमांड का प्रयोग टेबल क्रिएट करने के लिए किया जाता है। टेबल एक डेटाबेस ऑब्जेक्ट होता है,  जो Rows और Colums से निर्मित है जिसका एक निश्चित स्ट्रक्चर होता है।

प्रारूप (Preview) 


CREAT TABLE <table_name>
(Column name 1 data type (size) [column constraints]
Column name 2 data type (size) [column constraints]
Column name 3 data type (size) [column constraints]


(b) ALTER TABLE Commands

Alter Table commands का प्रयोग किसी पूर्वनिर्मित टेबल के स्ट्रक्चर को मॉडिफाई (Modify) अथवा परिवर्तन करने के लिए किया जाता है।

अल्टर टेबल कमांड का प्रयोग किसी पूर्वनिर्मित टेबल में एक या एक से अधिक कॉलम्स अथवा फिल्ड्स को जोड़ने , उनके डेटा टाइप और उनके साइज परिवर्तित करने के लिए constraints को जोड़ने अथवा डिलीट करने के लिए किया जाता है।


प्रारूप (Preview)


(1) ALTER TABLE <table name> 
ADD column_name data_type;
(2) ALTER TABLE <table name>
ALTER COLUMN column_name data_type;
(3) ALTER TABLE <table name>
DROP COLUMN column_name;
(4) ALTER TABLE <table name>
ADD/DROP constraints_name;


(c) DROP TABLE Command

Drop table command का प्रयोग किसी टेबल को उसके स्ट्रक्चर के सभी रिकॉर्ड्स सहित डिलीट करने के लिए किया जाता है।


प्रारूप 

DROP TABLE <table_name>;


(d) TRUNCATE TABLE COMMAND

TRUNCATE TABLE Command का प्रयोग किसी टेबल के सभी रिकॉर्ड्स को एक ही समय में डिलीट करने के लिए किया जाता है।


प्रारूप

TRUNCATE TABLE <table name>;


2. डेटा मैनिपुलेशन लैंग्वेज कमांड्स

डेटा मैनेजमेंट लैंग्वेज, कमांड्स के एक ऐसे सेट को परिभाषित करती है, जिनका प्रयोग डेटाबेस ऑब्जेक्ट्स जैसे - टेबल को मॉडिफाई करने के लिए किया जाता है। INSERT, डिलीट और अपडेट प्रमुख डेटा मैनिपुलेशन लैंग्वेज कमांड्स है।


(a) SELECT COMMAND

डेटाबेस से डेटा को प्राप्त करने के लिए सेलेक्ट कमांड का प्रयोग किया जाता है।


प्रारूप
SELECT Column 1, Column 2 ...... FROM table_name;


यदि आप डेटाबेस में उपस्थित सभी फिल्डस को प्राप्त करना चाहते है, निम्न प्रारूप का प्रयोग करें।

प्रारूप
SELECT * FROM table_name;


(b) INSERT कमांड 

किसी टेबल को क्रिएट करने के पश्चात हमें उस टेबल में डेटा रिकॉर्ड्स को एंटर करने की आवश्यकता होती है। किसी टेबल में डेटा वैल्यूज के साथ एक एक रो अथवा रिकॉर्ड को इंसर्ट करने के लिए INSERT कमांड का प्रयोग किया जाता है।


प्रारूप

INSERT INFO <table name>(column_name_1,कॉलम_name_2) VALUSES (वैल्यू1,वैल्यू2);


(c) अपडेट कमांड

अपडेट कमांड का प्रयोग किसी टेबल अथवा व्यू में स्टोर डेटा को अपडेट अर्थात मॉडिफाई करने के लिए किया जाता है। UPDATE कमांड के साथ सेट क्लॉज का प्रयोग किया जाता है।


प्रारूप

UPDATE table_name SET कॉलम1 = वैल्यू1, कॉलम2 = वैल्यू2, ..... WHERE कंडीशन;


(d) डिलीट कमांड

डिलीट कमांड का प्रयोग किसी टेबल से रोज अथवा रिकॉर्ड्स को डिलीट करने अर्थात मिटाने के लिए किया जाता है।

प्रारूप
DELETE <table name>;


ट्रांज़ैक्शन कंट्रोल लैंग्वेज कमांड्स (Transaction Control Language Commands):

इसका शॉर्ट name TCL है। इस कमांड्स का प्रयोग डेटाबेस में ट्रांजेक्शन्स को व्यवस्थित करने के लिए या डीएमएल कमांड्स के द्वारा किए गए परिवर्तन को व्यवस्थित करने के लिए किया जाता है।


(a) Commit कमांड

इस कमांड का प्रयोग ट्रांजैक्शन के प्रारंभ से पूर्व क्रियान्वित हुवे स्टेटमेंट किए गए परिवर्तन को स्थाई करने के लिए किया जाता है। SQL प्रॉम्प्ट पर commit टाइप करके Enter कुंजी को दबाने से पूर्व टेबल्स में किए गए सभी परिवर्तन स्थाई हो जाते है।


प्रारूप
COMMIT:


(b) Savepoint कमांड 

इस कमांड का प्रयोग करने से ट्रांजैक्शन के मध्य एक बिंदु बनाने के लिए किया जाता है। Rollback कमांड का प्रयोग किया जाता है।

प्रारूप
SAVEPOINT savepoint_name;


(c) Rollback कमांड

इस कमांड का प्रयोग ट्रांजैक्शन के प्रारंभ से पूर्व क्रियान्वित हुवे स्टेटमेंट द्वारा किए गए परिवर्तनों को प्रारंभ से ही अथवा अंतिम savepoint तक के परिवर्तन को निरस्त करने के लिए किया जाता है।


Rollback एक ऐसी प्रक्रिया है, जो पूर्व अंतिम समय प्रयोग की गई commit कमांड के बाद से किए गए सभी परिवर्तनों को अपने पास स्टोर रखती है और जब भी इसे प्रयोग में लिया जाता है, तो यह इन सभी परिवर्तनों को निरस्त कर देती है।


प्रारूप
Rollback;


4. डेटा कंट्रोल लैंग्वेज कमांड्स (Data Control Language Commands):

डेटा कंट्रोल लैंग्वेज कमांड्स का प्रयोग डेटाबेस में उपस्थित डेटा के एक्सेस को कंट्रोल करने के लिए किया जाता है।


(a) Grant कमांड

यह कमांड डेटाबेस को यूजर एक्सेस का विशेष अधिकार प्रदान के लिए प्रयोग की जाती है।


प्रारूप
GRANT Privilege_name ON object_name TO
{User_name|PUBLIC| role_name};


(b) Revoke कमांड

इस कमांड का प्रयोग विशिष्ट प्रोयोगकर्ता को प्रदान किए गए सिस्टम अधिकार को पुनः प्राप्त करने के लिए किया जाता है।


प्रारूप
REVOKE Privileg_name ON object_name From {User_name|PUBLIC|role_name};



अच्छी टेबल डिजाइन करने का नियम:

EF codd ने अच्छी टेबल डिजाइन करने के 12 नियम डिजाइन किए हैं जिन्हे कोड के नियम भी कहते हैं। ये नियम निम्नलिखित है-


1. फिजिकल डाटा इंडिपेंडस नियम:

डेटाबेस में स्टोर डेटा उन एप्लिकेशन से स्वतंत्र होना चाहिए, जो डेटाबेस को परिवर्तन से प्रभाव नहीं पड़ना चाहिए कि बाहरी एप्लीकेशंस के द्वारा डेटा कैसे एक्सेस होता है।


2. हाइ लेवल इंसर्ट, अपडेट और डिलीट नियम:

डेटाबेस को उच्चस्तरीय के इंसर्शन, अपडेशन और डिलिशन का समर्थन करना चाहिए। यह एक पंक्ति तक सीमित होना नहीं चाहिए, बल्कि इसे रिकॉर्ड के से प्राप्त करने के लिए तथा minus ऑपरेशन का भी समर्थन करना चाहिए।


3. कम्प्रेहैन्सिव सब- लैंग्वेज नियम 

 यहां पर ऐसी लैंग्वेज होनी चाहिए जो, डेटा डेफिनेशन, डेटा मैनिपुलेशन और इंटिग्रिटी कंटस्टेंट आदि सहायता प्रदान कर सके।


4. वैल्यू का सिस्टमैटिक ट्रीटमेंट

डेटाबेस में Null वैल्यू एक व्यवस्थित और एक समान व्यवहार में दी जानी चाहिए। यह बहुत महत्वपूर्ण नियम है, क्योंकि Null वैल्यू निम्न में से किसी एक कि भांति इंटरप्रेट हो सकती है; जैसे - डेटा अनुपस्थित, डेटा का नहीं जानना या डेटा का मान्य न होना ।


5. इंफॉर्मेशन नियम

डेटाबेस में सभी जानकारी का प्रतिनिधित्व एक ही तरीके से किया जाना चाहिए। डेटाबेस में सबकुछ फॉर्मेट में स्टोर होना चाहिए।


6. गारंटी एक्सेस नियम

प्रत्येक एकल डेटा एलिमेंट को (वैल्यू) टेबल नेम, प्राइमरी की और एट्रिब्यूट नाम के कॉम्बिनेशन के साथ लॉजिकली एक्सेस होने की गारंटी देता है।


7. सक्रिय ऑनलाइन कैटलॉग

पूरे डेटाबेस का स्ट्रक्चर विवरण ऑनलाइन कैटलॉग में स्टोर होना चाहिए, यह डेटा डिक्शनरी कहलाता है। जो अधिकृत उपयोगकर्ताओं द्वारा एक्सेस हो सकता है। यूजर कैटलॉग को एक्सेस करने के लिए समान क्वेरी लैंग्वेज का प्रयोग कर सकते हैं।


8. व्यू अपडेटिंग नियम

डेटाबेस के सभी व्यूज़ जो थ्योरिटिकल अपडेट हो सकते है, सिस्टम के द्वारा अपडेट होने चाहिए।


9. लॉजिकल डेटा इंडिपेंडेंस

डेटाबेस में लॉजिकल डेटा अपने यूजर के व्यूज़ से स्वतंत्र होना चाहिए। लॉजिकल डेटा में कोई भी परिवर्तन , इस प्रकार होना चाहिए कि वह एप्लिकेशन को प्रभावित न करें।


उदाहरण, यदि दो टेबल्स मर्ज्ड है या टेबल दो भिन्न टेबल्स में विभाजित होती है, वहां यूजर एप्लिकेशन में कोई प्रभाव या परिवर्तन नहीं होना चाहिए। यह नियम अप्लाई करना सबसे अधिक कठिन है।


10. इंटीग्रिटी  इंडिपेंडेंस

एक डेटाबेस उस एप्लिकेशन से स्वतंत्र होना चाहिए, जो इसका उपयोग करता है। इसके सभी इंटेग्रिटी constrent एप्लिकेशन में कोई भी परिवर्तन किए बिना स्वतंत्र रूप से परिवर्तित हो सकते हैं। यह नियम फ्रंट एंड एप्लिकेशन और इसके इंटरफेस के डेटाबेस को इंडिपेंडेंट बनाते है।



11. डिस्ट्रीब्यूशन इंडिपेंडेंस

अन्तिम यूजर यह देखने योग्य नहीं चाहिए कि डेटा विभिन्न लोकेशन में डिस्ट्रबुट होता है। यूजर्स को सदैव यह धारणा मिलनी चाहिए कि डेटा केवल एक साइट पर स्थित हो।

12. नॉन सबवर्सन  नियम

यदि सिस्टम के पास एक इंटरफेस है, जो लो लेवल रिकॉर्ड को एक्सेस करने में सहायता करता है।
तब इंटरफेस सिस्टम को नाश और सुरक्षा तथा इंटिग्रिटी कंस्ट्रेंट को बाईपास करने में सक्षम नहीं होना चाहिए।

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