E-mail का Full Form और ईमेल क्या होता है? इसके लाभ

ईमेल क्या है, E-mail का Full Form, E-mail और G-mail में अंतर क्या है?? यदि आप भी ऐसे सवालों को खोज रहे हैं या आपको इन सवालों के जवाब नहीं मालूम है। 

बहुत सारे लोगो को इसके बारे में पता ही नहीं होता है, जबकि वे ईमेल और जीमेल का use बख़ूबी करते है। यदि आपको भी इसके बारे में जानकारी नहीं है, तो आप बेफिक्र हो जाइए क्योंकि आज मै आपको इस पोस्ट में ईमेल के बारे में पूरी जानकारी शेयर करने वाला हूं। 

आप ध्यान पूर्वक इस पोस्ट को पढ़िए मै उम्मीद करता हूं कि आपको इस पोस्ट में ईमेल के बारे में पूरी जानकारी प्राप्त हो जाएगी।


इस पोस्ट के कंटेंट जो हम जानने वाले हैं।


Full form ऑफ ईमेल

ईमेल क्या है? 

ईमेल और जीमेल में अंतर 

ईमेल के लाभ

जीमेल के लाभ

ईमेल एड्रेस क्या है?

ईमेल के अनुप्रयोग

एडवांस ईमेल फीचर्स


Full फॉर्म ऑफ ईमेल :

ईमेल : इलेक्ट्रॉनिक मेल


ईमेल क्या है? (What is E-mail?)


इंटरनेट की सबसे अधिक इस्तेमाल की जाने वाली इलेक्ट्रॉनिक मेल या संक्षेप में ईमेल है। इलेक्ट्रॉनिक मेल एक ऐसा इलेक्ट्रॉनिक संदेश होता है, जो किसी नेटवर्क से जुड़ी विभिन्न कम्प्यूटरों के मध्य भेजा और प्राप्त किया जाता है। 


ईमेल का उपयोग व्यक्तियों या व्यक्तियों के समूहों के मध्य जो भौगोलिक रूप से हजारों मील दूर हो सकते हैं, लिखित संदेश भेजने में किया जाता है। ईमेल को मेल सर्वर के माध्यम से भेजा और प्राप्त किया जाता है। 


कोई मेल सर्वर एक ऐसा कंप्यूटर होता हैजिसका कार्य ईमेलो को प्रोसेस करना और उचित क्लाइंट कंप्यूटर पर भेजना होता है। सामान्यतः नेट सर्वर ही मेल सर्वर का कार्य करते हैं।


वेब एड्रेस की भांति ईमेल एड्रेस भी होता है, जिस पर ईमेल भेजा जा सकता है। ब्राउज़र प्रोग्राम की भातिं ईमेल भेजने और प्राप्त करने के लिए विशेष ईमेल प्रोग्राम या सॉफ्टवेर होते है; जैसे - माइक्रोसॉफ्ट आउटलुक तथा आउटलुक एक्सप्रेस।


 जब हम कोई ईमेल भेजना चाहते है, तो हम प्राप्तकर्ता का ईमेल एड्रेस इस प्रोग्राम की विंडो में उचित स्थान पर टाइप करते हैं और अपना संदेश उसी विंडो के एक बड़े बॉक्स में टाइप करते है। 


जब हम सेंड बटन पर क्लिक करते हैं, तो वह प्रोग्राम उस संदेश को प्राप्तकर्ता के ईमेल एड्रेस के साथ उस मेल सर्वर को भेज देता है, जिससे हमारा कंप्यूटर जुड़ा होता है।


मेल सर्वर उस ईमेल पते को मेल सर्वरों पर खोजता है और उसका पता चल जाने पर उस संदेश को प्राप्तकर्ता के मेल सर्वर पर भेज देता है, जहां से वह संदेश प्राप्तकर्ता को भेज देता है। 


यही प्रक्रिया उल्टे क्रम में दोहराई जाती है जब कोई उपयोगकर्ता हमें कोई ईमेल भेजता है। यदि प्रेषक और प्राप्तकर्ता दोनों के कंप्यूटर एक ही समय पर इंटरनेट से जुड़े हुवे होते हैं तो ईमेल कुछ ही सकेंडो में भेजा और प्राप्त किया जा सकता है।



ईमेल के लाभ: (Advantages of E-mail)


ईमेल सेवा के कई लाभ है, जो निम्नलखित है:


1. ईमेल के माध्यम से संदेशों के साथ साथ उनकी दिनांक व समय को भी सुरक्षित कर के रख सकते हैं।

2. ईमेल एड्रेस इंटरनेट पर व्यक्ति की पहचान व वेबसाइटों पर पंजीकरण करने में अत्यंत लाभप्रद है।

3. ईमेल द्वारा संदेशों को व्यावहारिक पत्राचार की तुलना में काफी तेज गति से संप्रेषित किया जाता है।

4. ईमेल द्वारा पत्रों /संदेशों के खोने की आशंका Negligible होती है।

5. ईमेल को वहीं यूजर पढ़ , डाउनलोड व जवाब दे सकता है जिसे वह भेजा गया है।

6. पारंपरिक डाक सेवा के बदले ईमेल का प्रयोग करने से कागज की भी बचत होती है व ईमेल को कागजी दस्तावेज़ की तुलना में संभालना बेहद सरल होता है।

7. ईमेल का प्रयोग वर्तमान में विज्ञापनों , बिजनेस इत्यादि में भी किया जाता है।



ईमेल की हानियां : (Disadvantages of E-mail)


ईमेल के लाभ के साथ साथ उसकी कुछ हानियां भी है, जो निम्नलिखित हैं:

1. ईमेल के पासवर्ड के लीक होने पर कोई भी अज्ञात व्यक्ति उसका प्रयोग कर सकता है।

2. प्राप्त किए गए ईमेल्स में वायरस हो सकते हैं, जो हानिकारक छोटे प्रोग्राम्स होते हैं। वायरस प्रोग्राम ईमेल से संबंधित सभी सूचनाओं को चुराकर , अनुचित ईमेल को अन्य ईमेल एड्रेसो पर भेज सकता है।

3. अनेक यूजर अन्य ईमेल यूजरो को अवांछित ईमेल भेजते हैं, जिन्हे स्पैम कहा जाता है।

4. यूजर को मेलबॉक्स को समय समय पर मैनेज करना पड़ता है अन्यथा मेलबॉक्स फूल हो जाएगा व आगामी ईमेल को प्राप्त नहीं किया जा सकेगा।

5. ईमेल का प्रयोग सरकारी व्यापार में नहीं किया जा सकता , क्योंकि यदि ईमेल क्रेडेंशियल्स किसी अवैध यूजर को पता चल जाए तो उसका गलत प्रयोग कर सकते है।



ईमेल एड्रेस : (E-mail Address)


ईमेल खोजने और प्राप्त करने के लिए आपके पास कोई ईमेल एड्रेस होना चाहिए । कोई ईमेल एड्रेस ईमेल सर्वर पर एक ऐसा स्थान होता है, जहां आपको ईमेल एड्रेस किसी ईमेल सर्वर पर ऐसा स्थान होता है, जहां आपको ईमेल स्टोर किया जाता है, इस स्थान को मेल बॉक्स भी कहा जाता है। 


जब आप किसी इंटरनेट सेवा प्रदाता कंपनी से इंटरनेट कनेक्शन खरीदते हैं, तो वह सामान्यतया आपके लिए एक मेल बॉक्स भी बना देते हैं और उस मेल बॉक्स का एड्रेस कहा जाता है। कोई ईमेल एड्रेस सामान्यतया निम्न रूप में होती है। 

Usrename@hostname

यहां यूजरनेम आपके मेल बॉक्स का नाम है। यह सामान्यतया आपके यूजरनेम के समान होता है, जिसके द्वारा आप अपने कंप्यूटर को इंटरनेट से जोड़ते हैं। 'Hostname' या Domain' नेम ' मेल सर्वर का नाम होता है।


उदाहरण यदि आपने BSNL से इंटरनेट कनेक्शन लिया है तो आपका ईमेल एड्रेस इस प्रकार हो सकता है
'v_kumar@sancharnet.in'


कुछ वेब पोर्टल आपको मुक्त में मेल बॉक्स बनाने की सुविधा भी देती है। ऐसे कुछ वेब पोर्टलों के नाम है- www.yahoo.comwww.rediffmail.comwww.e-patra.comwww.jagaran.com आदि । 

इनके अतिरिक्त कुछ वेब पोर्टल शुल्क लेकर आपको मेल बॉक्स बनाने के लिए आपको अपने विषय में सूचनाएं देते हुवे एक ऑनलाइन फॉर्म भरना पड़ता है और अपने यूजरनेम तथा पासवर्ड की  पसंद की भी बतानी होती है। 


विवरण स्वीकृत होने पर वेब पोर्टल आपके वहीं यूजरनेम तथा पासवर्ड एलोकेट कर कर देता है और आपका मेल बॉक्स अपने मेल सर्वर पर बना देता है। आप जो भी ईमेल कहीं से भी प्राप्त करते हैं, वह आपके मेल बॉक्स में स्टोर कर दी जाती है, जबकि आप उसकी प्राप्त के समय इंटरनेट से जुड़े हो या नहीं। 


आप उस वेब पोर्टल के होमपेज पर जाकर अपने यूजरनेम और पासवर्ड द्वारा साइन इन करके मेल को भी खोल सकते हैं तथा उस वेब पोर्टल से ईमेल भी भेज सकते हैं।


ईमेल के अनुप्रयोग : (Email applications:)

अब चलिए जानते हैं इसके क्या क्या अनुप्रयोग होता है?


1. वेब आधारित ईमेल खाता बनाना

कुछ वेब पोर्टल में आप अपना मुफ्त में ईमेल खाता बना सकते है ऐसे वेब पोर्टल हैं - www.hotmail.com, मेल.yahoo.commail.sify.comwww.rediffmail.comwww.e-patra.com आदि । इनमे से किसी भी साइट को खोलने के बाद आप अपना पंजीकरण एक नए उपयोगकर्ता के भांति करवा कर अपना ईमेल खाता बना सकते हैं। नया ईमेल खाता खोलने की प्रक्रिया इन साइटों में एक समान होती है।


2. ईमेल देखना

ईमेल खाता बना लेने के बाद यूजर साइन इन कर सकता है अर्थात ईमेल अकाउंट को खोल सकता है। और अपनी ईमेल को देख सकता है। इसके लिए यूजर की उस वेब साइट के होम पेज पर जाना होगा जिस पर उसका ईमेल खाता है। 

वहां साइन इन करने के लिए एक डायलॉग बॉक्स वेब पेज पर प्रदर्शित होगा इसमें ईमेल टेक्स्ट बॉक्स पर ईमेल आईडी तथा पासवर्ड एंटर करके साइन इन बटन पर क्लिक करना है।


3. नई ईमेल बनाना और देखना

लॉगइन करने के पश्चात यदि यूजर अपने मित्रो को संबंधियों को ईमेल करना चाहता है तो कंपोज बटन पर क्लिक करे। इसमें to टेक्स्ट बॉक्स में रेसिपिएंट का ईमेल एड्रेस और विषय तथा बॉडी में टेक्स्ट टाइप कर सेंड बटन पर क्लिक करे वह ईमेल उस रेसीपिएंट को तुरंत भेज दिया जाता है। 

इसके स्थान पर यदि यूजर (.doc, .pdf, .jpg इत्यादि ) को भेजना चाहता है तो अटैच पर क्लिक करके फाइल अटैच कर सकता है। ईमेल में टेक्स्ट फॉर्मेटिंग cc(carbon copy), bcc (ब्लाइंड carbon कॉपी) के विकल्प भी उपलब्ध होते है।


4. ईमेल मैसेज का जवाब देना

किसी ईमेल का जवाब देने के लिए निम्न स्टेप्स अनुसरण किया जाता है। जिस ईमेल का जवाब देना है उसे ओपन करें। केवल ईमेल भेजने वाले को जवाब देने के लिए रिप्लाइ पर क्लिक करे। To और cc बॉक्स के सभी रेसिपिएंट्स को जवाब देने के लिए रिप्लाइ to all पर क्लिक करे।


5. ईमेल मैसेज को फॉरवर्ड करना

किसी ईमेल मैसेज को फॉरवर्ड करने के लिए निम्नलिखित स्टेप्स का अनुसरण किया जाता है:

> यूजर जिस मेल को फॉरवर्ड करना चाहता है उसे ओपन करे।
> फॉरवर्ड विकल्प पर क्लिक करे
> To, cc और bcc बॉक्स में रेसीपिएंट्स का नाम एंटर करें।


ईमेल को शॉर्ट करने के लिए निम्नलिखित स्टेप्स का अनुसरण किया जाता है:


> सेटिंग बटन पर क्लिक करे।

> इनबॉक्स टैब पर क्लिक करे

> इनबॉक्स टाइप लिस्ट से अपनी इच्छानुसार विकल्प; जैसे - डिफॉल्ट, important फर्स्ट, unread फर्स्ट, स्टर्रड फर्स्ट तथा Priority इनबॉक्स का चयन करें।

> सेव चेंजेस बटन पर क्लिक करे।


इसके पश्चात आपकी इच्छानुसार इनबॉक्स में ईमेल सोर्ट हो जाएगी।


ईमेल को सर्च करने के लिए निम्नलिखित स्टेप्स का अनुसरण किया जाता है:

> सबसे उपर स्थित बॉक्स में उस ईमेल की जानकारी; जैसे - भेजने वाले का नाम, विषय आदि एंटर करे, जिसे आप सर्च करना चाहते हैं।

> सर्च बटन पर क्लिक करें।

> इसके पश्चात सर्च की गई सूचना से संबंधित ईमेल की सूची प्रदर्शित हो जाएगी।



एडवांस ईमेल फीचर्स:

ईमेल के कुछ और भी एडवांस फीचर्स है आइए जानते है इसके बारे में


1. स्पेल चैक को एक्टिवेट करना

किसी डॉक्यूमेंट को भेजने से पहले उसकी स्पेल चैकिंग करना अत्यंत महत्वपूर्ण है स्पेल चैक को एक्टिवेट करने निम्नलिखित स्टेप्स का अनुसरण करें:

> जीमेल अकाउंट विंडो पर कंपोज बटन पर क्लिक करें, जिससे न्यू मैसेज बॉक्स प्रदर्शित होगा।

> न्यू मैसेज बॉक्स की बॉडी मैसेज टाइप करें।

> More ऑप्शन बटन पर क्लिक करें, जिससे एक मेनू खुलेगी । उस मेनू में से Check स्पेलिंग पर क्लिक करें।


2. एड्रेस बुक का प्रयोग करना

जिन लोगो को ईमेल भेजा जाता है, उनके नाम एवम् ईमेल एड्रेस को स्टोर करने के लिए एड्रेस बुक का प्रयोग किया जाता है।

अटेचमेंट के रूप में सॉफ्ट कॉपी भेजना/डॉक्यूमेंट को ईमेल से भेजना कंप्यूटर पर स्टोर की जाने वाली किसी भी फाइल को ईमेल द्वारा भेजा जा सकता है।


3. स्पैम की हैंडलिंग

स्पैम, अवांछित ईमेल मैसेज होते हैं, जो प्राय: व्यापारिक कंटेंट के साथ बहुत बड़ी संख्या में रिसिपिएंट को भेजे जाते हैं। जीमेल में स्पैम को हैंडल करने के लिए एक स्पैम फोल्डर होता है। 

जीमेल सभी स्पैम को स्पैम फोल्डर में स्थांतरित कर देता है। स्पैम फोल्डर जीमेल विंडो के बाई तरफ प्रदर्शित नहीं होता है, तो जीमेल एकाउंट की सेटिंग में प्रदर्शित नहीं होता है, तो जीमेल अकाउंट की सेटिंग में परिवर्तन करने की जरूरत होती है।


4. ईमेल को स्पैम की भांति अंकित करना

यदि आप अपने इनबॉक्स में वो ईमेल प्राप्त करते हो जो वास्तव में स्पैम है, तो आपको "रिपोर्ट स्पैम " बटन पर क्लिक करने की आश्यकता है, जिससे ईमेल , स्पैम फोल्डर में स्थांतरित हो जाएगी।


5. फोल्डर को चैक करना

कुछ दिनों के अंतराल पर आपको अपना स्पैम फोल्डर चैक करते रहना चाहिए , जिससे यह सुनिश्चत होता है कि कोई जरूरी ईमेल गलती से स्पैम के भांति निर्धारित तो नहीं हो गया । यदि स्पैम फोल्डर की सभी ईमेल स्पैम हो तो आप इन्हे बिना डिलीट किए छोड़ सकते है क्योंकि जीमेल स्वतः ही 30 दिनों में स्पैम को डिलीट कर देता है।

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